भारत में पर्यटन क्षेत्र में बरसेंगी ढाई करोड़ नौकरियां

युवाओं को रोजगार मुहैया कराने की कोशिशों में जुटी सरकार अब हर क्षेत्र में संभावनाएं तलाशने के साथ-साथ इसका खाका तैयार करने में जुट गई है। मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र में 10 करोड़ रोजगार के अवसर बनाने के बाद अब पर्यटन क्षेत्र में रोजगार का रास्ता तैयार किया जा रहा है। इसके तहत अगले पांच साल में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से पर्यटन उद्योग में करीब ढाई करोड़ रोजगार का सृजन किया जाएगा।

मंत्रालय अगले पांच साल में पर्यटकों की संख्या और सुविधाओं को बढ़ाने के साथ-साथ बड़ी संख्या में युवाओं को नौकरी मुहैया कराने की तैयारी भी कर रहा है। इस बाबत मंत्रालय ने पंचवर्षीय योजना में 21,500 करोड़ रुपये की जरूरत बताई है, जोकि पिछली पंचवर्षीय योजना की तुलना में चार गुना से अधिक है।

भारत में पर्यटन विकास के सामने चुनौतियां
गौरतलब है कि इससे पहले श्रम मंत्रालय आईटीआई और कौशल विकास योजनाओं के जरिए करोड़ों रोजगार के अवसर लाने की बात पहले ही कह चुका है। जबकि कुछ दिन पहले सरकार ने नई मैन्यूफैक्चरिंग नीति के जरिए एक दशक में 10 करोड़ रोजगार के अवसर लाने की घोषणा की थी। पर्यटन मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि दूसरे देशों की तुलना में भारत में पर्यटन विकास के सामने कई बड़ी चुनौतियां हैं। इनमें होटल, सड़क, परिवहन, बीच मार्ग में मुहैया होने वाली सुविधाएं और सुविधा केंद्र का निर्माण शामिल हैं।

दुरुस्त करने के ‌लिए बड़ी रकम की जरूरत
वहीं, दूसरी ओर कार्यकुशल कर्मचारी, प्रशिक्षित गाइडों की उपलब्धता भी पर्यटकों के रुझान के लिए जरूरी है। भारत इस मामले काफी नीचे पायदान पर है। इसे दुरुस्त करने के लिए बड़ी रकम की जरूरत है। मंत्रालय का मानना है कि अगर इन सुविधाओं को बहाल की जाए तो 2016 में पर्यटन से विदेशी मुद्रा आय 64,889 करोड़ रुपये से बढ़कर 1,34,383 करोड़ रुपये हो जाएगी।

अमर उजाला ब्यूरो

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