भारत में बाढ का कहर

kota7_1471732444

भारत के ज्यादातर राज्यों में बारिश की वजह से भारी तबाही मची हुई है। राजस्थान, मध्य प्रदेश, बिहार, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में हालात बदतर हैं। बता दें कि उत्तराखंड के पौड़ी जिले में बादल फटने की वजह से दो परिवारों के सात लोगों की मौत हो गई। उधर, मप्र के अलग-अलग जिलों में पिछले 24 घंटों में 20 मौतों की खबर है। डिजास्टर मैनेजमेंट के मुताबिक इस मानसून में बाढ़ और अन्य हादसों से अब तक 480 लोगों की जान जा चुकी है।

– रिपोर्ट्स के मुताबिक पौड़ी जिले के मरखोला गांव में बादल फटने के बाद दो परिवारों का मकान बह गया। यहां के डीएम ने बताया कि एक टीम मौके पर रवाना कर दी गई है।

– सभी लोगों की मौत मकान के मलबे में दबने की वजह से हुई। मौके से पांच शव बरामद हुए हैं। दो लोग अभी भी लापता हैं। हादसे में दो-तीन लोग घायल भी हुए हैं।

#1. एमपी के रीवा और सतना में सबसे ज्यादा तबाही

– एमपी के विंध्य और बुंदेलखंड क्षेत्र में बारिश ने सबसे ज्यादा तबाही मचाई है। मैहर में कई मकान जमीदोंज हो गए और एक दर्जन से ज्यादा मौतें हो गईं।

– तीन दिन से जारी बारिश से रीवा जिला टापू बन गया है। यहां कई इलाके पानी में डूबे हैं। रेस्क्यू के लिए सेना बुलाई गई है।

– सेना के 60 जवान और दो हेलिकॉप्टर लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन में लगे हुए है। छतरपुर, पन्ना, दमोह, इटारसी, बैतूल, हौशंगाबाद, रायसेन और टीकमगढ़ जिले में बारिश ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा रखी हैं।

-विंध्य में रीवा-सतना रोड पर उन्नत बीहर पुल डूब गया है। बीहर नदी खतरे के निशान से दो मीटर ऊपर बह रही है।

– रीवा के मुकुंदपुर व्हाइट टाइगर सफारी में तीन युवक 24 घंटे से फंसे रहे

#2. बिहार : गंगा ने 22 साल का रिकॉर्ड तोड़ा
– पटना में 22 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। 1975 के बाद यह पहला मौका है जब पटना सिटी के रिहायशी इलाकों में बाढ़ का पानी घुस गया है। किसी खतरे से निपटने के लिए यहां सेना तैयार है। छपरा, खगड़िया और सासाराम में भी बाढ़ का पानी लोगों के घरों तक पहुंच गया है।
– उधर, सारण में 50 हजार से ज्यादा घर पानी में डूब गए हैं जबकि रोहतास जिले में भी सौ से ज्यादा गांव पानी में घिरे हुए हैं। करीब डेढ़ लाख की आबादी बाढ़ से मुश्किलों में है

#3. राजस्थान : बारां-झालावाड़ में बाढ़, 12 मौतें

– झालावाड़ और बारां में बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं। चित्तौड़गढ़ जिले की हालत भी खराब होती जा रही है। कई इलाकों में सेना बुला ली गई है। झालावाड़ के अलग-अलग गांवों में 12 लोगों की मौतें हुई हैं।

#4. यूपी में गंगा और यमुना खतरे के निशान से ऊपर

– यूपी में गंगा समेत कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। चित्रकूट में मंदाकिनी का जलस्तर चिंताजनक है।

– वाराणसी गंगा तो इलाहाबाद में यमुना खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं।

साभार, दैनिक भास्कर

 

Loading...

Leave a Reply

Be the First to Comment!

Notify of
avatar
wpDiscuz
%d bloggers like this: