भ्रष्टाचारियों ने रोका निर्वाचन संबंधी कानून को !

काठमांडू, १० भाद्र ।
प्रदेश और प्रतिनिधिसभा निर्वाचन की तैयारी में देर हो रहा है । इस के पीछे एक कारण है– निर्वाचन संबंधी कानून राज्य व्यवस्था समिति से पास नहीं होना । निर्वाचन आयोग भी कह रहा है कि जल्द ही कानून पास होना चाहिए, नहीं तो मंसिर १० गते के लिए घोषित निर्वाचन प्रभावित हो सकता है । निर्वाचन आयोग ने कहा है कि भाद्र १५ गते के भीतर आयोग को कानून चाहिए । लेकिन कानून की मस्यौदा अभी राज्य व्यवस्था समिति में ही हैं । बताया जाता है विभिन्न राजनीतिक दल में आवद्ध कुछ नेताओं ने उक्त कानून को रोक कर रखा है ।
स्मरणीय है– राज्य व्यवस्था समिति के बैठक विगत तीन सप्ताह से नहीं हो पा रहा है । निर्वाचन कानून संबंधी वर्तमान मस्यौदा के अनुसार भ्रष्टाचार में दोषी प्रमाणित नेता निर्वाचन में प्रतिस्पर्धा नहीं कर सकते हैं । लेकिन कुछ राजनीतक दलों के कुछ प्रभावशाली नेता इस प्रावधान के विपरित हैं, वे लोग इस प्रावधान को बदलना चाहते हैं । इसीलिए उक्त विधेयक राज्य व्यवस्था समिति में ही रुका हुआ है ।
नेकपा एमाले के कुछ नेताओं ने आरोप लगाया है कि नेपाली कांग्रेस में आवद्ध कुछ भ्रष्टाचारी नेताओं को लक्षित कर विधेयक पास नहीं हो रहा है । लेकिन इधर कांग्रेस नेता का कहना है कि विधेयक में समावेश कुछ दफा में प्रमुख दलों के बीच विचार–विमर्श नहीं की गई है, इसलिए विधेयक पास नहीं हो रहा है । बहना जो भी हो, विधेयक अवरुद्ध होने के पीछे भ्रष्टाचार संबंधी प्रावधान ही है । विधेयक के विरुद्ध में रहे नेताओं का कहना है कि भ्रष्टाचारी प्रमाणित नेताओं को आजीवन प्रतिबन्ध नहीं लगाना चाहिए, सिर्फ ३ वर्ष ही प्रतिबंध लगाया जाए । लेकिन कुछ नेताओं को कहना है कि भ्रष्टाचारी प्रमाणित व्यक्ति को जीवन भर चुनाव लड़ने से प्रतिबन्ध लगाया जाए ।

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