मतदाताओं के घर–घर में नयां नोट

काठमांडू, २ आश्वीन । गत शुक्रबार रात १२ बजे से निर्वाचन आयोग ने निर्वाचन आचार संहिता लागू कर ‘मौन अवधि’ शुरु किया । लेकिन उसी समय से तराई–मधेश के ८ जिला में विभिन्न राजनीतिक दलों ने निर्वाचन आचारसंहिता को चुनौती देते हुए चुनावी क्रियाकलाप जारी रखा और गांव–गांव में भोजों का आयोजन किया । यहां तक कि मतदाताओं के घर–घर में नयां नोट भी पहुँचाया गया । दशहरा के लिए नेपाल राष्ट्र बैंक द्वारा जारी १६ अर्ब नयां नोटों में से अधिकांश नोट स्थानीय उम्मीदवारों के द्वारा मतदाताओं के घर–घर पहुँचाया गया है यह समाचार आज प्रकाशित अन्नपूर्ण दैनिक में हैं ।


राष्ट्रीय जनता पार्टी (राजपा) नेपाल के नेताओं का आरोप है कि सत्ताधारी पार्टी और प्रमुख तीन दलों ने मतदाता को प्रभावित करने के लिए नोट और भोज की व्यवस्था की है । इसके विरुद्ध राजपा ने आइतबार खबरदारी अभियान भी सञ्चालन किया है । राजपा के नेता मनिषकुमार सुमन ने कहा है कि आइतबार रात में ८ जिला के १३६ स्थानीय तहों में ‘जाग्राम अभियान’ सञ्चालन किया है । उन्होंने कहा– ‘हमारी योजना प्रमुख तीन बड़े दलों के द्वारा और सिंहदबार मार्फत होने वाला चन्दा, पुरस्कार, उपहार और दान–दक्षिणा को रोकना है ।’ नेता सुमन ने दावा किया है कि मौन अवधि में प्रमुख दलों ने जात, धर्म, और संख्या को देख कर भोजों का आयोजन किया है । उन्होंने यह भी कहा कि परिवार के सदस्य अनुसार प्रति परिवार १ से ५ लिटर तक दारु की व्यवस्था भी किया गया है ।
इसी तरह का आरोप है– संघीय समाजवादी फोरम नेपाल के सांसद लालबाबु यादव और लोकतान्त्रिक फोरम नेपाल के सांसद मोहम्मद मुस्ताङ का भी । राजपा के सांसद केदारनन्दन चौधरी का कहना है कि आइतबार दिन में काठमांडू से दो ट्रक दारु सर्लाही जिला में पहुँचाया गया था ।

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