मधेशवादी दल माओवादी का पिछलग्गू : उपेन्द्र यादव

करुणा झा:राजविराज। मधेशी जनअधिकार फोरम नेपाल के अध्यक्ष उपेन्द्र यादव ने बताया कि सत्ता और पैसा के लोभ में सरकार में रहे मधेशी दल तथा उनके नेता लोग लोकतन्त्र और संघीयता विरोधी माओवादियों के पिछलग्गू बने हैं। मधेशी पत्रकार समाज सप्तरी द्वारा आयोजित “मधेश आन्दोलन, उपलब्धि और मधेशी पत्रकारों की अवस्था” विषयक अन्तरक्रिया कार्यक्रम में बोलते हुए अध्यक्ष यादव ने उक्त बात बताया है। इसी तरह तटस्थ व्यक्ति के नेतृत्व में चुनावी सरकार गठन करने में जोडÞ देते हुए उन्होंने कहा- ‘सत्ता और पैसा के लोभ मे मधेशवादी दलों का विभाजन होता रहा तथा पार्टर्ीीवभाजन मे कही भी सैद्धान्तिक तथा नीतिगत आधार नहीं देखा गया।
इसी तरह मधेशी जनअधिकार फोरम लोकतान्त्रिक के वरिष्ठ उपाध्यक्ष रामेश्वर राय यादव ने बताया कि व्यक्तिगत स्वार्थ के कारण मधेशवादी दलों का विभाजन हुआ है। पर्ूव सञ्चार राज्यमन्त्री सुरीता साह का कथन था कि मधेश मुद्दा के साथ केन्द्रित राजनीति प्रारम्भ होने के कारण मधेश आन्दोलन उपलब्धि विहीन रहा। नेपाल सद्भावना पार्टर्ीीआनन्दी देवी) के अध्यक्ष खुशीलाल मण्डल ने बताया कि मधेश आन्दोलन की उपलब्धि खोने का खतरा होने के कारण उन्हें संस्थागत करने के लिए पत्रकार जगत को जागना होगा।
इसी तरह नेपाल सद्भावना पार्टर्ीीगजेन्द्रवादी) के केन्द्रिय अध्यक्ष विकास तिवारी का दावा था कि मधेशी नेताओं द्वारा मधेश की निष्ठा खोज रहे दलों के विभाजन के कारण ही मधेश कमजोर हुआ है। मधेशी पत्रकार समाज सप्तरी की अध्यक्षता में सम्पन्न कार्यक्रम में मधेशी जनअधिकार फोरम -गणतान्त्रिक) के सह-अध्यक्ष विश्वनाथ प्रसाद यादव, समाजवादी पार्टर्ीीे केन्द्रिय सदस्य पंकज कर्ण्र्ाामधेशी पत्रकार समाज के केन्द्रिय अध्यक्ष मोहन सिंह, महासचिव अनन्त अनुराग आदि ने अधिकार के लिए मधेश आन्दोलन जारी रखना होगा, ऐसा बताया।
कार्यक्रम मंे प्रेस काउन्सिल नेपाल के सदस्य मुरलीप्रसाद यादव, पर्ूव सदस्य अनिल अनल, नेपाल पत्रकार महासंघ सप्तरी के अध्यक्ष धीरेन्द्रप्रसाद साह, पर्ूव अध्यक्षद्वय विष्णुकुमार मण्डल, व्यास शंकर उपाध्याय, पत्रकार सुरेन्द्र गुप्ता ने मधेश आन्दोलन की उपलब्धि तथा मधेशी पत्रकारों की अवस्था के बारे में अपने-अपने विचार व्यक्त किए।

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