मधेशी दलों के बीच एकीकरण का प्रयास, राजधानी मे विचार गोष्टी ।

काठमांडू,१०अक्टूबर। मधेश केन्द्रित विभिन्न दलों के बीच एकीकरण करने का प्रयाश के रुप मे आज राजधानी मे एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया । विशेषतः मधेशी जनअधरिकार फोरम नेपाल और तराई–मधेश लोकतान्त्रिक पार्टी (तमलोपा) के बीच कुछ दिनों से चल रहे एकीकरण की चर्चा को औपचारिकता देते हुए आज बुधबार को यह कार्यक्रम का आयोजन था । इसमे मधेश के अन्य पार्टी के नेतागण भी मौजूद थे । कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए सभी नेताओं ने जोड देकर कहा कि ‘मधेश के सवाल में मुद्दा, एजेण्डा और सिद्धान्त में एकमत रहनेवाली पाटियों के बीच एकीकरण हो सकता है ।’
मधेशी युवा फोरम नेपाल द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम के प्रमुख अतिथि रहे मधेशी जनअधिकार फोरम नेपाल के अध्यक्ष उपेन्द्र यादव ने कहा– “जिस पार्टी के मुद्दा मधेश और मधेशी जनता की मुक्ति हो, उस लक्ष्य प्राप्ति के लिए समान अवधारणा रखनेवाली सभी पार्टियों के बीच एकीकरण हो सकता है ।” अध्यक्ष यादवका कहना था कि समान उद्देश्य वाली किसी भी पार्टी को अलग नहीं रहना चाहिए । यदि भावी चुनाव के प्रति लक्षित करके कोई भी पार्टी का एकीकरण होता है तो वह दीर्घकालीन नहीं हो सकता, यादव ने बताया । यादव ने जोड देकर कहा कि“मधेश के साथ–साथ पहाड में रहे जनजाति और विपन्न वर्ग, जो अपने–अपने अधिकार से वञ्चित हैं, उन सबको एक साथ लेकर चलना आज की आवश्यकता है । इन मुद्दों पर जिनकी सहमति होगी, सिर्फ उसी के साथ एकीकरण हो सकता है ।’
इसी कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए मधेश समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष शरदसिंह भण्डारी ने कहा कि मधेशवादी दलों का एकीकरण मधेशी जनता की चाहना है लेकिन स्वार्थी मधेशवादी दल और उनके नेता के साथ एकीकरण नहीं हो सकता । उनका कहना था कि अभी तक उनके पास कोई भी नेता और मधेशी दल पार्टी एकीकरण के प्रस्ताव लेकर नहीं आया है । इसी तरह की बात नेपाल सद्भावना पार्टी के अध्यक्ष सरिता गिरी ने भी कहा । भण्डारी और गिरी दोनों का कहना था कि एकीकरण का मुद्दा मधेश और मधेशी की पहचान पर होना चाहिए, सत्ता का बटवारा और व्यक्ति के स्वार्थ पर एकीकरण नहीं होना चाहिए ।
इसीतरह तमलोपा के नेता तथा एकीकरण के लिए बनाए गए वार्ता टोली के सदस्य जय प्रकाश ने दावा किया कि फोरम नेपाल और तमलोपा के बीच जल्द ही एकीकरण हो जाएगा । उनका कहना था कि पार्टी एकीकरण के लिए अभी तक ५,६ बार दोनो पार्टी के बीच वार्ता हो चुकी है । इस क्रम में दोनों पार्टी के बीच अधिकांश मुद्दा में सहमति होने का दावा भी वार्ता टोली सदस्य जय प्रकाश ने किया ।
कायर्यक्र में राजनीतिक विश्लेषक सीके लाल और नेपाल मधेश फाउण्डेशन के अध्यक्ष एवं विश्लेषक तुलानारायण शाह ने कहा कि मधेशी दलों की बीच एकीकरण की बात करना जितना सहज है, उतना व्यावहारिक नहीं हो सकता । शाह ने कहा– ‘मै तो मधेशी दलों के बीच एकीकरण होने की सम्भावना ही नहीं देखता हूँ । ज्यादा से ज्यादा इनलोगों के बीच चुनावी ध्रुवीकरण हो सकता है ।’ लेकिन दोनों विश्लेषकों का मनना था कि यदि मधेशी दलों के बीच एकीकरण होता है तो मधेश और मधेशियों का अवश्य कल्याण होगा । उन्होंने कहा कि मधेशी जनता अपना अधिकार ले सकती है । कार्यक्रम में गैर आवासीय नेपाली संघ के संरक्षक उपेन्द्र महतो, नेपाल बार एसोसिएसन के सुरेन्द्र महतो सहित ने भी अपना–अपना विचार खरते हुए एकीकरण के लिए शुभकामना व्यक्त किया । मधेशी युवा फोरम नेपाल के अध्यक्ष योगेन्द्रराय यादव ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की ।

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