मधेशी नेतृत्व को कुछ करने के काबिल छोडा ही नहीं गया

देखें कुर्दिस्तान और क्याटलन जनमत संग्रह का नतीजा :-

 

(कैलाश महतो के आलेख से विस्तृत के लिए कल्ह तक प्रतीक्षा करें …) जानकर ताज्जुब होगा कि अब मधेशी नेतृत्व कुछ कर भी नहीं सकते । क्योंकि उन्हें मधेश के लिए कुछ करने के काबिल छोडा ही नहीं गया है । सरकार में पहुँचा पहुँचाकर भ्रष्टाचार, घुसखोरी और अनियमितता के रंङ्गों में इतने गहरे ढंङ्ग से रंङ्ग दिए गये हैं कि वे सत्य बात बोल ही नहीं पायेंगे । बोले तो गये काम से । अब वही उनकी जीवन है । प्राथमिक कक्षाओं में बच्चें एक कविता पढते हैं,
“मछली जल की रानी है, जीवन उसकी पानी है ।
हाथ लगाओ डर जाती, बाहर निकालो मर जाती ।।”
बस्, मधेशी नेतृत्व मछली सी ही नेपाली राज्य और उसके सत्ता जल के परिधियों में ही जी सकती है । बाहर निकलने की साहस की कि बेमौत मारे जायेंगे ।
अब इराक के कुर्दिस्तान और स्पेन के क्याटेलोनिया में हुए सेप्टेम्बर २५ और अक्टूबर १ के जैसे ही जनमत संग्रह का ऐलान करना होगा । कुर्दिस्तान और क्याटेनिया में कराये गये जनमत संग्रह के विरुद्ध रहे इराक और स्कटिश सरकार और अन्तर्राष्ट्रिय कुछ असहमति के बावजुद जनता ने भारी संख्या में जनमत संग्रह के निर्वाचन में भाग लेकर क्रमशः ९०% और ९२% की जनमत से स्वतन्त्रता की चाह रखी है । उसे अन्तर्राष्ट्रिय मान्यता मिलना तय है । मधेश की जनता को भी शान्तिपूर्ण जनमत संग्रह का ऐलान कर मधेश की आजादी प्राप्त करने की वैधानिक अधिकार है जिसे दुनियाँ की कोई ताकत नहीं रोक सकती ।
देखें कुर्दिस्तान और क्याटलन जनमत संग्रह का नतीजा ः
कुर्दिस्तान, इराक

Voter turnout 72.16 percent

1. Voter turnout was 72.16 percent, the election commission has announced.

2. Of 4,581,255 eligible voters, 3,305,925 cast ballots.  ‐Shirwan Zirar, commission spokesperson said in a press conference Monday evening._

3. Eligible voters :– 3,985,120 ‐in the Kurdistan Region and Kurdistani areas_

  1. 497,190 displaced from disputed areas and living in camps in the Kurdistan region, and 98,945 from the diaspora.

    5. In the lead up to the referendum, the commission had stated 5,338,000 people were eligible to vote

क्याटेलोनिया, स्पेन

The Catalan self-determination referendum on October 1st, 2017 :

  1. Approximately 90Ü of the votes casted in favor of independence.
  2. Nearly 8Ü percent of voters rejected the independence.
  3. Rest of the ballots were blank or void.
  4. 2.26 million people took part in the referendum
  5. Of a total voter pool of approximately 5.34 million, which represents a turnout of 42 percnt.
  6. The abstention rate was 58 percent.

देश, नेता, समाज, मालिक और परिवारों को सेवा करने बाले सेवक मधेशी दिन व दिन गरीब, कंगाल, दरिद्र और बेहाल होते जा रहे है । वहीं जनता मात्र के सेवा के लिए राजनीति करने बाले मधेशी और नेपाली दोनों नेतागण अरबपति बनते जा रहे हैं । सबका भरण पोषण मधेश से ही होता है । मधेशी सम्पूर्ण समाज को अब निर्णय करना होगा कि नेपाली राज्य उसे हक तथा अधिकार सम्पन्न, सुरक्षा सम्पन्न, शिक्षा सम्पन्न, रोजगार सम्पन्न, कृषि सम्पन्न, व्यापार सम्पन्न बना सकता है या आजाद मधेश– अपना देश ?

 

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