मधेश अलग देश बन सकता है, सम्पूर्ण मापदण्ड मौजुद है : महन्थ ठाकुर, (प्रशांत के पुस्तक विमोचन समारोह में)

काठमांडू । २८ दिसिम्बर | तराई मधेश लोकतान्त्रिक पार्टी के अध्यक्ष महन्थ ठाकुर ने कहा है कि मधेश को अलग देश बनाने के लिए विशिष्ठ पहचान सहित अपना अलग ही राष्ट्रवाद है । काठमांडू में दिसम्बर २८ के दिन आयोजित पत्रकार प्रशान्त झा द्वारा लिखित पुस्तक ‘गणतन्त्र को संघर्ष’ (ब्याटल्स अफ द न्यू रिपब्लिक के नेपाली रुपान्तरण) लोकार्पण तथा ‘कस्तो राष्ट्रवाद, कसको राष्ट्रवाद’ विषयक विचार गोष्ठी में बोलते हुए अध्यक्ष ठाकुर ने यह बात कही । जारी मधेश आन्दोलन, और विवादित बन रहे ‘राष्ट्रवाद’ के सम्बन्ध में बोलते हुए उन्होने कहा– ‘मधेश का अपना अलग ही भूगोल, जनसंख्या, भेष, भाषा और संस्कृति है, जो एक राष्ट्र के लिए प्रयाप्त है ।’ उनका मनना है कि मधेश में वह सम्पूर्ण गुण और क्षमता है, जो एक राष्ट्र में होना चाहिए । लेकिन उन्होंने ने यह भी कहा कि नेपाल एक बहुराष्ट्रीय देश है, जिसको स्वीकार करना चाहिए । अगर अस्वीकार करेंगे तो यह अलग देश बन सकता है । अध्यक्ष ठाकुर का मानना है कि एक निश्चित वर्ग तथा समुदाय में रहे परम्परागत सोच और राजनीतिक चिन्तन के कारण ही आज मधेश में ‘मधेश अलग देश’ का नारा आगे आ रहा है । उन्होंने ने यह भी कहा कि अगर मधेश की अलग पहचान और राष्ट्रीयता को अस्वीकार किया जाएगा तो मधेश अलग देश बन सकता है, जिसके लिए सम्पूर्ण मापदण्ड मौजुद है ।
prashant-3

 

कार्यक्रम में बोलते हुए दूसरे वक्ता तथा नेपाली कांग्रेस के नेता एवं विश्लेषक प्रदीप गिरी ने कहा है कि असमावेशी राष्ट्रवाद, सही राष्ट्रवादी नहीं हो सकता । उनका मनना है कि जारी मधेश आन्दोलन अपनी पहचान और अधिकार के लिए है । इसीतरह वरिष्ठ पत्रकार नारायण वाग्ले ने पत्रकार प्रशान्त झा द्वारा लिखित पुस्तक ‘गणतन्त्रको संघर्ष’ पर टिप्पणी करते हुए कहा– ‘यह पुस्तक समसामयिक राजनीतिक इतिहास है ।’ पत्रकार वाग्ले का मनना है कि पुस्तक में कुछ ऐसी विषय भी है, जो कुछ राजनीतिक दलको अस्वीकार्य हो सकता है । अपनी असन्तुष्टी व्यक्त करते हुए उन्होंने आगे कहा– ‘पुस्तक में लिखा है कि नेपाल की सम्पूर्ण राजनीतिक आन्दोलन में भारत को निर्णयक बनाया गया है, जिस के चलते नेपाल की संघर्षशील राजनीतिकर्मी को निरीह दिखाइ देते है ।’ इसी तरह पुस्तक के सम्बन्ध में चर्चा करते हुए टिप्पणीकर्ता सुरभी पुडासैनी ने कहा– ‘आन्तरिक सत्ता राजनीति का जटिल पक्ष को पुस्तक में सशक्त और सरल व्यख्या किया गया है ।’

prashant-4
हिन्दुस्तान टाइम्स के पत्रकार झा द्वारा अंग्रेजी भाषा में लिखित पुस्तक ‘ब्याटल्स अफ द न्यू रिपब्लिक’ को पत्रकार उज्ज्वल प्रसाई ने नेपाली भाषा में अनुदित किया है । पुस्तक विमोचन समारोह में विभिन्न दल में आवद्ध वरिष्ठ राजनीतिक नेता, पत्रकार एवं बुद्धिजीवियों की उपस्थिति थी ।prashant-5

prashant-6

loading...