मधेश का आन्दोलन समस्त मधेशबासी के लिए है : राजेन्द्र महतो

CIMG8427सतेन्द्र कुमार मिश्र, कपिलबस्तु — भाद्र २१,
यहाँ हए पत्रकार सम्मेलन में सद्भावना पार्टी के केन्द्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मन्त्री राजेन्द्र महतो ने कहा, मधेश में चलरहा आन्दोलन किसी समुदाय बिशेष या पुलिस प्रशासन के खिलाफ नही है । बल्कि मधेश में रह रहे सभी लोगों के हक अधिकार को सुनिश्चित करने के लिए है । बस यह आन्दोलन मधेश में होने के वजह से इसे मधेश आन्दोलन कहा जा रहा है । तो फिर हम पर क्यो चलाया जा रहा है गोली, क्यो बरसाया जा रहा है आश्रुगैस और क्यों किया जा रहा लाठीचार्ज ? हमें क्यों बोला जा रहा है साम्प्रदायिकता का मूल ?
आन्दोलन के आधार का जिक्र करते हुए उन्होने कहा कि,“पिछले दिनों में किए गए सहमति का कार्यान्वयन न किएजानेपर मजबूर होकर आन्दोलन का रास्ता अपनाया गया है । हमें इसका कोई शौक नही है । मधेश से पहाड अलग नही करेंगे कह—कहकर मधेशियों से पहाडियों को अलग कर रहा है सरकार । बानेश्वर में प्रदर्शन किए जानेपर पानी का बौछार किया जाता है और वही कारनामा मधेश में होनेपर गोलियों की बौछार होता है । ऐसा बिभेदकारी नीती अपनाकर सरकार खुद साम्प्रदायिकता फैला रही है और हमें साम्प्रदायिक बताती है । साथ रह रहे मधेशी—पहाडी समुदायों के नामपर तराई की भूमि पहाड के प्रदेश में मिलाना प्राकृतिक न्याय सिद्धान्त के विपरीत है । जो कि किसी भी हालत में स्वीकार्य नही होगा ।
मधेश में हिन्दु, मुश्लिम, दलित, जनजाती, ब्राह्मण, क्षेत्री, पहाडी, थारु सभी लोगों का जनसंख्या सन्तुलित है । समावेशी समानुपातिक सिद्धान्त को हमने यहांपर स्वीकारा है । अतः इस प्रदेश में सभी का समान शासन और हक अधिकार रहेगा । ५० साल पहले मधेश में सिर्फ ६ प्रतिशत पहाडी थे पर आज के दिनों में ३५ प्रतिशत हो गए हैं पर हमारे साथ ही रह रहे हैं । तो फिर आज प्रदेश विभाजन के नामपर हमें अलग करने का कोशिस क्यों किया जा रहा है ? मधेश की भूमि पहाड में मिलाने का निराधार कोशिस क्यों किया जा रहा है ? आज मधेश में रह रहे ३५ प्रतिशत पहाडियों का भी हक अधिकार जनसंख्या के आधारपर पहाडों मे दिया जा रहा है । जबकि वो मधेश में रहते हैं । अर्थात् उन मधेशबासी पहाडियों का भी अधिकार छीना जा रहा है ।”
मधेशी पत्रकार संघ कपिलबस्तु द्वारा आयोजित पत्रकार सम्मेलन में पत्रकारों का जवाब देते हुए संविधान प्रतिगमन के तरफ जाने का बात भी उन्होने स्पष्ट किया । साथ ही उन्होने बताया कि,“पहले से प्राप्त अधिकार भी हमसे छीना जा रहा है । जब एक बार मधेश—थरुहट प्रदेश देने की सहमति हुयी थी तो फिर उससे क्यों मुकर रही है सरकार ? आयोग का प्रतिवेदन हमें स्वीकार है । जिसमें झापा से नारायणी नदी तक एक प्रदेश तथा नारायणी नदी से कञ्चनपुर तक दुसरा प्रदेश है । संबिधान के धारा १३८ (क) में स्वायत्त मधेश प्रदेश, अधिकार सम्पन्न प्रदेश लिखा है । इसलिए अधिकार सहित का प्रदेश हमें चाहिए पर आज तो जिला बिकास के जितना भी अधिकार नही दिया गया है । जो कि हमे स्वीकार नही है ।” सम्मेलन में सद्भावना के केन्द्रिय सदस्य रविदत्त मिश्र और सद्भावना पार्टी के केन्द्रिय उपाध्यक्ष नरसिंह चौधरी की भी उपस्थिती रही ।
पार्टी अध्यक्ष महतो ने कहा, किसी भी देश के नागरिक का पहचान नागरिकता होता है । उसमें भी संबिधान का प्रतिगमन हुआ है । जहां सदियों से भारत से हमारा बेटी—रोटी का नाता था उसे भी तोडने का प्रयास किया गया है । अभी तक के संबिधान में नेपाली नागरिक देश के किसी भी क्षेत्र में नोकरी करने तथा सभी पदों का दावेदार बन सकता है । बल्कि अंगीकृत नागरिक भी १० साल पश्चात् यह अधिकार प्राप्त कर सकता है । इस अधिकार को भी हमसे छीना जा रहा है । अगर नेपाली नागरिक नेपाल में राष्ट्रपति और प्रधानमन्त्री नही बन सकता है तो फिर किस देश का बनेगा ? जनता चाहे किसी भी देशका हो सर्वदा अजेय होता है और मधेशी जनता अपना अधिकार लेकर ही रहेगी । साथ ही अध्यक्ष महतो ने मधेशी की मांगे पुरी न होनेतक आन्दोलन जारी रहने की, चेतावनी भी दी ।
कपिलबस्तु तौलिहवा के गौतम बुद्ध होटल में मधेशी पत्रकार संघ कपिलबस्तु ने पत्रकार सम्मेलन का आयोजन किया था । जिसके अध्यक्ष केन्द्रीय पार्षद एवं मधेशी पत्रकार संघ कपिलबस्तु के जिला अध्यक्ष मनोज कुमार ओझा तथा सञ्चालक दिपक केसी थे । सम्मेलन में गोपाल भण्डारी, सनीउल्लाह धोबी, रमेश मिश्र, मणी गैरे, बसन्त गिरी, मनोज पौडेल, बनारसी बर्मा लगायत जिले के ३० क्रियाशील पत्रकारों की उपस्थिति रही थी ।

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