मधेश की मिट्टी की लाज रखनी ही होगी : विजय गुप्ता

लहान , ८ फरवरी |

interमधेस में आन्दोलनरत रहे संयुक्त लोकतान्त्रिक मधेसी मोर्चा के नेता जारी आन्दोलन के स्वरुप परिवर्तन करने की बात कर रहे हंै । मोर्चा के नेताओं के विशलेषण के अनुसार एक ही तरह के आन्दोलन ज्यादा असरदार न होने के कारण आन्दोलन का स्वरुप परिवर्तन को अहम बताया है । आन्दोलन के कारण सबसे ज्यादा पीड़ित मधेशी जनता ही होने के कारण आन्दोलन में बदलाव की जरुरत मधेशी दल को महसुस हुआ है । मधेश आन्दोलन के सन्दर्भ में हमने एक सशक्त युवा नेता विजय गुप्ता से बात की । नेता गुप्ता मधेश आन्दोलन ३ में शुरुआत से ही अनवरत रुप से लगे हैं । लाहान के आन्दोलन में उर्जा पैदा करने में नेता विजय गुप्ता का भी बहुत बड़ा हाथ है । उनका कहना है चाहे सड़क पर ही क्यों ना आ जाउँ लेकिन इसबार हमें मधेश की मिट्टी की लाज रखनी ही होगी । युवा नेता गुप्ता के साथ लहान से हिमालिनी संवाददाता मनोज बनैता की हुई बातचीत का संपादित अंश ः

क) आखिर में मधेश आन्दोलन कब तक ? इसका अगला रूप क्या होगा ?

ये आन्दोलन तबतक चलेगा जबतक सरकार उत्पीड़ित वर्ग को सत्ता साझेदारी करने में हिचकिचाहट ना करे । ६ महीने से भी लम्बे समय तक चल रहे आन्दोलन को सरकार द्वारा वेवास्ता करने के कारण आन्दोलन का स्वरुप परिवर्तन आवश्यक हो गया है । सरकार मधेश आन्दोलन को कमजोर करने के लिए तस्करी को खुलेआम बढ़ावा दे रही है । अब के आन्दोलन को उत्कर्ष में ले जाने के लिए मधेस केन्द्रित आन्दोलन को पहाड़ और हिमाल तक पहुँचाना होगा । इसके लिए सभी मधेशी एवं पहाड़ी सीमांकृत समुदाय के लोगों को कन्धे से कन्धे मिलाना होगा । हमारा अब का आन्दोलन पुर्णरुप से असहयोग आन्दोलन होगा । नाकाबन्दी पुर्ण रुप से खोली जा चुकी है लेकिन सरकारी दफतर बन्द किया जाएगा । सरकार को राजस्व तब तक नहीं बुझाया जाएगा जबतक हमारीे माँग की सुनवायी ना हो ।

ख) मोर्चा के कार्यक्रमों मे जनसहभागिता आजकल न्युन दिखाई दे रही है, इसकी वजह क्या है ?

हम इस बात को नहीं मानेगें कि मोर्चा के कार्यक्रम में जनसहभागिता न्यून है । दरसअल बात यह है कि अभी गेंहु का सीजन है इसलिए कुछ लोग कृषि में व्यस्त हंै मगर जब कोई कार्यक्रम होने को आता है तो हमारे मधेशी भाइ अपना अपना काम छोड़ के भी उस कार्यक्रम में भाग लेने के लिए आ जाते हैं । थोड़ा कम सहभागिता जरुर है मगर न्यून नहीं । इसका उदाहरण आप लाहान मे हुए कुछ कार्यक्रम में देख सकते है । सदभावना पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेन्द्र महतो और संघिय समाजवादी फोरम के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेन्द्र यादव के कार्यक्रम में मानव सागर उतर आया था ।

ग) लाहान आन्दोलन के उपर बहुत टिका टिप्पणी हो रही है , लाहान का आन्दोलन इसबार इतनी धीमी क्यों ? लाहान के मोर्चा कार्यकर्ता उपर तस्करी करने के विभिन्न आरोप लगाते आए हंै ? सच्चाई क्या है ?

देखिए, लाहान मधेश आन्दोलन की जन्मभूमि है । लाहान की पवित्र भूमि से ही मधेशी अधिकार के लिए आवाज बुलन्द हुई है । इसबार लाहान का आन्दोलन उत्कर्ष में ना पहुँच पाने में सबसे बडा हाथ है यहाँ के मोर्चा संयोजक कृष्णबहादुर यादव का जो एक असफल अगुवा के रुप में साबित हो चुके हैं । किसी भी आन्दोलन में चाहिए कि नेतृत्वकर्ता ऐसा हो जो हरेक दिनके आन्दोलन की समीक्षा करे और अगली रणनीति बनाए मगर लाहान में ऐसा कुछ नहीं हुआ । संयोजक कोई भी कारगर रणनीति बनाने में असफल रहे । दूसरी बात तस्करी करने का जो आरोप है मोर्चा के नेता एवं कार्यकर्ता के उपर वो पुर्ण रुप से वेबुनियादी बातें जैसे लगती है । ये उस खसवादी की एक चाल हो सकती है आन्दोलन बदनाम करने की ।

घ) लहान के कुछ मोर्चा कार्यकर्ता उपर ऐसे भी आरोप है कि वे दिनभर आन्दोलन करते थे और शाम को पुलिस का खास खबरीलाल का काम ?

बहुत अच्छा प्रश्न है । अगर मोर्चा का कोई सदस्य दोषी है तो उन्हे सजा अवश्य मिलनी चाहिए उनमे चाहे मैं ही क्यों न रहुँ । लेकिन मुझे लगता नहीं है कि हमारे लाहान मोर्चा का कोइ भी सदस्य ऐसे घिनौने काम को अन्जाम दिया हो ।

ङ) लाहान में वृहत मोर्चा बनाने की बात हो रही है, इसमें आपका क्या कहना है?

बहुत अच्छी बात है । मधेशी जनता की माँग सम्वोधन होनी चाहिए मोर्चा का प्रकार से कोई मतलव नहीं है । अगर वृहत मधेशी मोर्चा महागठबन्धन बना के अगर मधेश पथ में आगे बढेÞ तो हमें लगता है हमारी माँगे पूरी होने में ज्यादा वक्त नहीं लगेगा । इसमे एक बात और कहना चाहुँगा कि ये जो महागठबन्धन की बात हो रही है वो बहुत पहले ही हो जानी चाहिए थी ।

च) मोर्चा नेता खासकर राजेन्द्र और उपेन्द्र मे टसन की खबर आ रही है । क्या उन दोनों के टकराव में आन्दोलन थम जाएगा ?

सबसे पहले मैं आपको एक बात साफ कर दूँ कि ये ऐतिहासिक आन्दोलन ना तो राजेन्द्र और ना ही उपेन्द्र के दम से है, ये स्वतःस्फुर्त आन्दोलन मधेशी जनता के दम पे टिका हुआ है । अगर मोर्चा के नेता में कोई गद्दार निकला तो उन्हें मधेशी जनता कभी माफ नहीं करेगी ।

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