मधेश के बिना काठमान्डू की कल्पना नहीं की जा सकती : प्रधानमंत्री प्रचण्ड

 

३ माघ, दुबई ।

Prachand

प्रधानमन्त्री पुष्पकमल दाहाल प्रचण्ड ने कहा है कि मधेस के बिना काठमाडौं की कल्पना नही की जा सकती है ।
दुवई में प्रवासी नेपाली द्वारा आयोजित कार्यक्रम में प्रधानमन्त्री ने का कि, ‘पहाड और मधेस के नाम में क्षेत्रीय ध्रुवीकरण बढाना सही नहीं है । हिमाल, पहाड और तराई के बीच की एकता बचाना हमारा पहला दायित्व है ।’

सरकार द्वारा संसद में पेश किया गया संविधान संशोधन प्रस्ताव राष्ट्रीय एकता और अखण्डता के लिए ही है । उन्होंने कहा कि, किसी जाति, क्षेत्र और समुदाय का सहारा लेकर राष्ट्रीयता मजबूत नहीं हो सकती । मधेस के लिए काठमाडौं और काठमाडौं के लिए मधेस दोनों अभिन्न रुप में सम्बद्ध हैं । मधेश बिना काठमाडौं की कल्पना भी नहीं की जा सकती है ।’

सरकार की दिलचस्पी आर्थिक समृद्धि और बिप्रेषण का प्रतिफलयुक्त आयोजना में निवेश करने में है । उन्होें कहा कि, ‘मेरे नेतृत्व में सरकार बनने के बाद से निरन्तर देश के लिए भाष्ग ही रहा हूँ । कैसे आर्थिक समृद्धि हासिल किया जा सकता है, कैसे राष्ट्रीय आयोजनाओं का जल्दी सम्पन्न किया जा सकता है । आपके पसीने की कमाई का सदुपयोग कैसे हो सकता है इसी प्रयास में हूँ । ।’

प्रधानमंत्री ने कहा, साउदी अरब के विकास और चमत्कार का अवसर मिला और मैंने यहाँ छोटे बडे टावर को देखा जो मानव निर्मित है पर हमारे यहाँ तो प्रकृति  निर्मित टावर सगरमाथा है ये दोनों मिलकर नेपाल का विकास कर सकते हैं ।

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