मधेश के लिए महन्थ ही सर्वमान्य

मधेस विगत आठ वर्षों से आन्दोलनरत है । पहचान सहित के संघीय राज्य की माँग उसके बाद संविधान प्रति असंतुष्टि तथा सीमांकन का विरोध

डा. सुरेन्द्र कुमार झा

डा. सुरेन्द्र कुमार झा

करते हुए दलित जनजाति तथा उत्पीड़ित लगायत के विभिन्न दल सहित के संघीय गठबन्ध के साथ मिलकर मधेसी मोर्चा ने सिंहदरबार तथा बालुवाटार घेरने के नारा के साथ काठमाण्डू केन्द्रित आन्दोलन को अन्जाम दिया । बहरहाल काठमाण्डू से आन्दोलन का रुख वीरगंज से पोखरा होते हुए पुनः तराई के तरफ मुड़ा और इसी के साथ गठबन्धन के आन्दोलन का पहला पटापेक्ष भी हो गया है । शान्तिपूर्ण विरोध सभा के बाद अब दूसरे चरण में आमरण अनसन करने का गठबन्धन ने घोषणा किया है ।
आन्दोलन के इस गर्म माहौल के बीच तराई–मधेस लोकतान्त्रिक पार्टी अपने महाधिवेशन की तैयारियों में तीब्र रूप से लगी हुई है । आन्दोलन के बीच महाधिवेशन करने की दल की क्या नीति व राजनीति है इस विषय में तमलोपा के केन्द्रीय सदस्य तथा लोकतान्त्रिक वुद्धिजीवी संघ के महासचिव डा. सुरेन्द्र कुमार झा के साथ हिमालिनी संवाददाता विजेता चौधरी से हुई बातचीत का अंश प्रस्तुत है–

० आन्दोलन के बीच पार्टी का महाधिवेशन करने की ऐसी भी क्या जल्दबाजी आन पड़ी ? क्या इस से आन्दोलन प्रभावित नहीं होगी ?
– हम लोग विगत ८ साल से आन्दोलनरत हैं तथा पिछले सात महीने से अनवरत आन्दोलित हैं और आन्दोलन के बीच ही महाधिवेशन कर के इस को एक महान कार्यक्रम के तहत सम्पन्न करने की हमारी अभिष्ठ भी है । इस महाधिवेशन से पार्टी जो एक दिशा तय करेगी उससे राजनीति में बहुत बड़ा प्रभाव पड़ने वाला है ।
० महाधिवेशन का स्थल नवलपरासी चुनने की क्या वजह है ? इसे सीमांकन के साथ जोड़ कर देखा जा सकता है ?
– निश्चित, मधेस से पश्चिम मधेस को अलग करने के विरोध में तराइ–मधेस लोकतान्त्रिक पार्टी ने अपना महाधिवेशन का स्थान नवलपरासी जिला के रामग्राम में तय किया है । वो हमारे मधेस की भूमि है । मेची से महाकाली एक है ये सोच कर हम लोगों ने उक्त स्थान में महाधिवेशन का होना तय किया है ।
० पार्टी अध्यक्ष महन्थ ठाकुर के विकल्प में कोई नया नाम जुड़ने की संभावना है या अध्यक्ष ठाकुर को ही सर्वसम्मति से चूना जाएगा ?
– अध्यक्ष महन्थ ठाकुर का पार्टी व मधेस के प्रति त्याग, निष्ठा तथा बहुत लम्बा राजनीतिक अनुभव रहा है और जिस लोकतान्त्रिक आचरण को मानते आ रहें हैं उस के तहत इस बार भी महाधिवेशन से हम लोग निवेदन करेंगे उनके ही अभिभावकत्व को स्वीकार करने के लिए । सम्पूर्ण पार्टी पंक्ति उनको पुनः अध्यक्षता के लिए आग्रह करेगी । उनके विकल्प का नेतृत्व हम लोग सोच भी नही सकते हैं ।
० मधेस की समस्या का सम्बोधन अब पार्टी किस तरह करेगी, आप के दृष्टिकोण में अध्यक्ष ठाकुर के भूमिका इस समस्या के लिए कितनी कारगर साबित हो सकती है ?
– मधेस में ही नही इस देश में तथा मित्र राष्ट्र में भी ठाकुर का जो एक उच्च विश्वसनीय, प्रभाव तथा उच्च राजनीतिक कद है उसी विश्वसनीयता के तहत वर्तमान समस्या से जो मधेस आक्रान्त है, हमारा देश नेपाल आक्रान्त है उस से जूझने के लिए उनका नेतृत्व आवश्यक है । आनेबाले महाधिवेशन से पार्टी तय करेगी कि ठाकुर के उसी प्रभाव को मधेस तथा इस देश के समस्याओं का सामाधान के लिए कैसे उपयोग किया जाए ।
० क्या समग्र मधेस के नेतृत्व के लिए ठाकुर उपयुक्त होंगें ? क्या मधेस की अन्य सभी पार्टी उनका नेतृत्व स्वीकार कर पाएगी ?
– देखिए राजनीति से उनका एक ही उद्देश्य है, मधेसी राष्ट्रीयता सुनिश्चित हो, मधेस समृद्ध हो तथा मधेस को भी समानता का अधिकार प्राप्त हो । राष्ट्रपति बनाने का षडयन्त्र को जब उन्होंने ठुकरा दिया तो सोचिए अब उनमें पद लोलुपता क्या हो सकती है ? तो अन्य दलों को भी उनका अभिभावकत्व मानने में अधिक दिक्कत नहीं होनी चाहिए । दूसरी बात मधेस जो है अभी नेतृत्व विकास तथा लीडरशीप क्राइसीस से गुजर रही है । ऐसी स्थिति में उनके जैसे प्रभावशाली व बुजुर्ग नेता के नेतृत्व में आने के लिए अन्य दल के नेता तथा कार्य कर्ता को दिक्कत नहीं होनी चाहिए ।
० एक आखरी प्रश्न, अपने पार्टी दृष्टिकोण से परे होकर बताइए, मधेस के समग्र विकास के लिए, सर्वशक्तिमान बनाने के लिए क्या आवश्यक है ? किस प्रकार आगे बढ़ा जाए ?
– दो सौ पचास वर्षाें से ज्यादा का विभेद मधेसी जनता भोग रही है ये तभी समाप्त होगा जब मधेस में शक्तिमान राजनीतिक सत्ता स्थापना हो पाएगी । तभी समृद्ध मधेस की परिकल्पना कर सकते हैं । अब वृहत राजनीतिक शक्ति का निर्माण अति आवश्यक है तथा मधेस का राष्ट्रवाद जागृत होना चाहिए एवम् स्वशासन होना चाहिए । हम सब इस सपना को साकार करने के लिए ही वर्षाें से संघर्ष कर रहे हैं । हमारी प्रत्येक गति में मधेसी सपूत शहीद हुए हैं उन के बलिदान को कभी जाया नही होने देंगें । हमारा सपना बहुत जल्द साकार होगा । हम लोग शहीदों का सपना पूरा करने के लिए आगे बढ़ चुके हैं ।

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