मध्य तथा सुदूरपश्चिम क्षेत्र में पहली बार टिकट में गजल वाचन

Gajalनेपालगन्ज,(बाँके) पवन जायसवाल, असोज १४ गते ।
बर्दिया जिला के गुलरिया में पहली बार टिकट में गजल वाचन कार्यक्रम शनिवार को गजलकार महानन्द ढकाल के प्रमुख आतिथ्य में सम्पन्न हुआ ।
मध्यपश्चिम गजल प्रतिष्ठान मगरागाडी उपशाखा के आयोजन में मध्य तथा सुदूरपश्चिम क्षेत्र में पहली बार टिकट में गजल वाचन कार्यक्रम सम्पन्न किया गया है । इससे पहले गजल गायन का कार्यक्रम होने के बाद भी असोज १२ गते शनिवार बर्दिया के गुलरिया में गजल वाचन कार्यक्रम सम्पन्न हुआ है ।
धान प्रशस्त पैदावारी होने का बर्दिया स्रष्टा और सिर्जना का भी उर्वर भूमि होने के नाते से किसी से आगे अभिव्यक्त करना ही न पडे बर्दिया जिले का कार्यक्रमों ने एकदम प्रष्ट कर दिया है ।
नेपाली साहित्यों में सव से ज्यादा उर्वर माना गया गजल विधा आलोचना, प्रशंसा और संक्रमणों के वीच से बीत रहा उसी सन्दर्भ में ऐसे दिन प्रतिदिन अपना उचार्इं को  आगे बढ रहा है । ‘गजल भी साहित्य है और ?’ कहते हुये चलने वाले कुछ विद्धान लेखक तथा समालोचकों को ने ऐसा कार्यक्रमों से गति देते आ रहा है । केवल मनोरञ्जन का साधन और समय बर्बाद करने का  माध्यम के रुप में गजल को आलोचना करने वालों ने  बौद्धिक तथा दार्शनिक गजल सुन्ने के लिए और अध्ययन करने के लिए  मध्यपश्चिम आना ही पडता है अधिका“श सहभागीयों का धारणा रहा था । मध्यपश्चिम गजल प्रतिष्ठान मगरागाडी उपशाखा ने मध्य तथा सुदूरपश्चिम क्षेत्र में पहली बार ऐसा कार्यक्रमों का योजना तय किया कार्यक्रम के संचालक अमृत ढकाल ‘निर्जन’ ने बताया ।
युवा गजलकारों के सामने अपना सशक्त पहिचान बनाने में सफल पर्वत शर्मा÷ढकाल, मानिस और बासुदेव गौतम ‘आश्रित’ का युगल गजल वाचन कार्यक्रम के  प्रमुख अतिथि गजलकार महानन्द ढकाल ने उद्घाटन किया था । पर्वत शर्मा÷ढकाल, मानिस और बासुदेव गौतम ‘आश्रित’ के गजलों पर डम्मर वि.सी, अन्जान स्नेहा और ऋषि शर्मा ‘सुदामा’ ने टिप्पणी किया था । उसके बाद में श्रेष्ठ समनश्री ने सम्पादन किया ‘बर्दियाली प्रतिनिधि गजल’ का स्रष्टात्रय के हाथों से विमोचन किया गया था ।
कार्यक्रम में बा“के, सुर्खेत, जाजरकोट, दैलेख, रुकुम, सल्यान, कैलाली और दाङ्ग लगायत के जिला से गजलकारों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही थी  ।
शुभकामना मन्तव्य के क्रमों में प्रदीप भट्टराई, कपिल अञ्जान, कमल अधिकारी, पूर्ण समीर महतारा, महेन्द्र चन्द्र ‘महासागर’ गोल्डेन उद्भास और हरिहर ज्ञवाली लगायत के स्रष्टाओं ने अपने  उमर से ज्यादा उमरदार गजल लिखने वाले स्रष्टा त्रय का प्रशंसा किया  । कार्यक्रम के लिए  मध्य पशिचम गजल प्रतिष्ठान बर्दिया शाखा, भरिया गजल प्रधान पत्रिका जाजरकोट, सिर्जना साहित्य समाज जाजरकोट, बबई बहुमुखी क्याम्पस बर्दिया, लोक तथा दोहोरी गीत प्रतिष्ठान बर्दिया और बर्दियाली साहित्य समाज ने सहकार्य किया आयोजक ने बताया ।

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