”मर्चवार क्षेत्र, मझगाँवा रुपन्देही घटना से भयभीत लोग : रोशन झा

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रोशन झा, फागुण १४ , बिराटनगर मोरड़ग | स्वतन्त्र मधेस गठबन्धन के संयोजक डा. सीके राउत को पिछले माघ २० गते जनकपुर स्थित उनके निवास से गिरफ्तार किए जाने के बाद मधेस में की स्थानों पर प्रदर्शन किया जा रहा है । जिसमे उनके दर्जनो समर्थकों को गिरफ्तार किया गया है | गिरफ्तार किये गये लोगो में से कुछ को छोड दिया गया है तो कुछ लोगों को थुना मे रखकर मुद्दा चलाया गया |

एशियन हुमन राईटस कमिसन ने अपने प्रतिवेदन मे लिखा है कि नेपाल पुलिस ने मर्चवार क्षेत्र में अत्याधिक बल प्रयोग करके वहाँ पर दमन किया ।  प्रतिवेदन में नेपाल सरकार को उस घटना का छानविन कर दोषी प्रहरी को कारबाई करने का अपिल भी किया है ।

( NEPAL: Police use excessive force on secondary school students February 22, 2017 ASIAN HUMAN RIGHTS COMMISSION – URGENT APPEALS PROGRAMME Urgent Appeal Case: AHRC-UAC-007-2017 The AHRC urges the Government to: investigate the excessive use of force, punish the police officers involved in the brutal crackdown on students, provide treatment for the injured and release those still kept under illegal detention. The AHRC requests that all stakeholders take the necessary safety measures to prevent this kind of behavior in future. The AHRC further calls on all the participants to take their part in maintaining peace in the Marchawar area.)

शान्तिपूर्ण प्रदर्शन के क्रम मे ही फागुण ७ गते मझगाँवा में डा. राउत की गिरफ्तारी के बिरुद्ध ‘बिरोध सभा’ का आयोजना किया गया था । उस कार्यक्रम को रोकने के लिए नेपाल पुलिस ने एडी-चोटी का जोर लगा दिया | फागुण १ गते से ही उस क्षेत्र में भारी संख्या में पुलिस परिचालन किया गया था, कार्यक्रम के दिन से पहले ही पुलिस द्वारा जनता के घर-घर पहुँचकर उन्हे कार्यक्रम में नही जाने के लिए डरा, धम्का कर त्रसित किया गया। गठबन्धन के कुछ नेताओं के घर छापेमारी भी किया | बावजुद ईसके फागुण ७ गते वहाँ काफी जनता पहुँची | किन्तु प्रहरी द्वारा सुबह से ही सडकों पर आवत-जावत करनेवालों को रोककर पुछताछ करना, दुकानों पर रुकने ना देना, शरीर बैग झौला आदि चेक करने जैसा  कार्यकर वहाँ का माहौल डरावना बनादिया गया । कार्यक्रम स्थल पर शान्तिपूर्ण रैली के द्वारा डा. राउत की रिहाई का नारा-जुलुस लगाते भीड़ पर पुलिस ने लाठी बर्सायी तथा टियर ग्याँस छोडा | इसके अतिरिक्त गठबन्धन के ढेड दर्जन नेता-कार्यकर्ता को गिरफ्तार कर लिया गया | उसी क्रम में कार्यकर्म को देखने पहुँची एक सत्तर वर्षिय स्थानीय बृद्धा सरस्वती मलाह को लाठी प्रहार कर गम्भिर घायल कर दिया  गया ।

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पुलिस दमन के बिरुद्ध स्थानिय विद्यार्थी और गठबन्धन समर्थक सडक किनारे बैठकर नारा लगाने लगे तभी जाकर फिर से उस धर्ना में बैठे लोगोंपर दमन किया गया जिसमें एक छात्रा संगिता केवट गम्भीर रुपसे घायल हुई और महिला नेत्री आशा पाल, स्वराजी राम नरायण साह लगायत ७० से अधिक लोग घायल हुए पुलिस ने माहौल को हिंसात्मक बना दिया | गुस्साए लोगों ने कुछ देर पुलिस के उपर पथराव किया लेकिन पुलिस की तर्फ कोई छति नही हुई । गठबन्धन द्वारा किसी भी तरह लोगों शान्त करके वहाँ से १किलो मिटर दुर एक कोण सभा किया गया और पुलिस दमन को निरुत्साहित करने के लिए और गिरफ्तार लोगों की रिहाई के लिए मानव अधिकारकर्मी, पत्रकार, कुटनितिज्ञ, राजनितीकर्मी लगायत सरोकारवालों से पहल कर देने के लिए आग्रह कर कार्यक्रम को समापन किया गया | कार्यक्रम समापन होनेके बाद सडकों पर चल रहे पैदल यात्री को पुलिस ने मारपिट करना सुरु कर दिया । लोगों को खेतों में दौडा-दौडा कर मारपिट किया कुछ गाँऊवालोंको गिरफ्तार भी किया जिसमें सादीमें आए हुए दो भारतीय नागरिक समेत गिरफ्तार कर लिया गया । फागुण ८ गते जब विद्यार्थीयों ने ई. प्र. का. मर्चवार पहुँचकर ७ गते हुए दमन का बिरोध किया तो पुलिस ने सात विद्यार्थीयो को हिरासत में ले लिया और विद्यार्थीयों पर लाठीचार्ज तथा टियर ग्याँस प्रहार करने लगे उसके बाद अभिभावक, स्थानियवासी समेत विद्यार्थीयों के साथ पुलिस की झडप हुई और नेपाल प्रहरी ने हतियार लुटेजाने का झुटा खबर फैलाकर लोगों को बदनाम करनेका प्रयास किया | अभी भी वहाँ के लोग काफी भयभीत है हलाकि स्थिति अब नियन्त्रण में है |

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