महंथ,राजेन्द्र ,महेन्द्र,शरद,अनिल,राजकिशोर का एक ही मंच से गर्जन, किसने क्या कहा..?

इस एकता से बल मिला है मधेशी जनता को – महन्थ ठाकुर, मधेश की एकता का प्रतीक है यह एकीकरण — राजेन्द्र महतो, नसली चिन्तन को मुक्का द्वारा प्रहार किया जाएगा — शरद सिंह भंडारी, इस एकता से रक्त का संचार हुआ है —महेन्द्र राय यादव, संगठन की मजबूती के लिए एकता आवश्यक है — अनिल कुमार झा, यह एकता मधेश मिशन के लिए है — राजकिशोर यादव

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विनोदकुमार विश्वकर्मा, काठमांडू, २१ अप्रैल
तराई मधेश लोकतांत्रिक पार्टी, सद्भावना पार्टी, राष्ट्रीय मधेश पार्टी, तराई–मधेश लोकतांत्रिक पार्टी नेपाल, मधेशी जनअधिकार फोरम (गणतांत्रिक) व नेपाल सद्भावना पार्टी के बीच २० अप्रैल बृहस्पतिवार को एकीकरण हुआ है । काठमांडू के डिल्लीबजार अवस्थित अमृतभोग के सभागार में एक भव्य समागम के बीच छह दलों द्वारा पार्टी एकीकरण की घोषणा की गई । नई पार्टी का नाम राष्ट्रीय जनता पार्टी तथा चुनाव चिन्ह छाता रखा गया है ।
नई पार्टी में अध्यक्ष मंडल का प्रावधान रखा गया है । अध्यक्ष मंडल में महन्थ ठाकुर, राजेन्द्र महतो, शरदसिंह भंडारी, महेन्द्र राय यादव, अनिल कुमार झा व राजकिशोर यादव हैं ।

अवसर पर अध्यक्ष महन्थ ठाकुर ने कहा कि कथित खस जातियों के द्वारा यह आक्षेप लगाया जा रहा है कि मधेशी भारतीय हैं । लेकिन उन्हें समझना चाहिए कि नेपाल बनने से पूर्व मधेश का अपना राज्य था, मधेश स्थापित हो चुका था, तो कैसे वे भारतीय हुए । जब कि आक्षेप लगाने वाले व्यक्ति ही भारत के विभिन्न प्रांतों से नेपाल आए हैं ।

उन्होंने कहा कि मौजूदा संविधान मधेशी, दलित, जनजाति, अल्पसंख्यक, पिछड़ावर्ग तथा हिमाल, पहाड़ में बसने वाले जनजातियों के हित विपरीत है । संविधान में सिर्फ नेपाली भाषा को ही राष्ट्रभाषा, शिक्षा की भाषा, रोजगार की भाषा होने का प्रावधान रखा गया है । जबकि हिन्दी, मैथिली, भोजपुरी, बज्जिका, थारु, संथाली, अवधी, राई, लिम्बू आदि भाषाओं को कोई मान्यता नहीं दी गई है ।
उन्होंने यह भी कहा कि मधेश पूर्वजों की भूमि है कोई आयातित भूमि नहीं है । मधेश नेपाल का जीवन मार्ग है । यहां का पानी भले ही उत्तर से दक्षिण की ओर जाता है, लेकिन जीवन दक्षिण से उत्तर की ओर आता है ।

अध्यक्ष राजेन्द्र महतो ने कहा कि एकता आज की आवश्यकता थी जो आज हमने पूरी की । इस एकता से हमें बहुत बल मिला है । इस एकता के जरिये ईंट का जवाब पत्थर से देंगे ।

उन्होंने वर्तमान राजनीतिक परिस्थिति के बारे में चर्चा करते हुए कहा कि हम चुनाव चाहते हैं । लेकिन गैरलोकतांत्रिक, असंवैधानिक, व अव्यवहारिक चुनाव को हम स्वीकार नहीं करेंगे । जब तक मधेशी व जनजाति पार्टियों की मांगे पूरी नहीं हो जाती, तब तक किसी भी कीमत पर चुनाव नहीं होने देंगे ।
उन्होंने यह भी कहा कि आज जो हम एकतावद्ध हुए हैं, एकीकृत हुए हैं, यह एकीकरण मधेश की एकता का प्रतीक है । यह एकीकरण सिर्फ मधेशी दलों का ही नहीं, बल्कि पूरे आंदोलन का एकीकरण हुआ है । अब हम किसी जाति व क्षेत्र को न होकर राष्ट्र की पार्टी बने हैं ।

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इस एकता से बल मिला है मधेशी जनता को : महन्थ ठाकुर

मधेश की एकता का प्रतीक है यह एकीकरण : राजेन्द्र महतो

इस एकता से रक्त का संचार हुआ है : महेन्द्र राय यादव

संगठन की मजबूती के लिए एकता आवश्यक है : अनिल कुमार झा

 नसली चिन्तन को मुक्का द्वारा प्रहार किया जाएगा : शरद सिंह भंडारी

अध्यक्ष शरदसिंह भंडारी ने कहा कि मुल्क सदियों से नश्लवादी सोच के लोंगो के द्वारा सञ्चालित होता आ रहा है । ऐसी सोच व मानसिकता वाले लोगों को पराजित करने के लिए यह पार्टी एकीकरण हुआ है । उन्होंने कहा कि मुल्क में नयी संरचना निर्माणार्थ नसली चिंतन को इस एकता के जरिये प्रहार किया जाएगा ।

उन्होंने यह भी कहा कि विगत कुछ वर्षों से हम अलग–अलग थे । हम सभी पार्टियों में ‘हम’ की भावना नहीं थी, जिसकी वजह से हम कमजोर हो गए थे । लेकिन आज की एकता ने यह सिद्ध कर दिया है कि ‘हम’ शब्द में कितनी ताकत है । चुनाव के बारे में चर्चा करते हुए अध्यक्ष भंडारी ने कहा कि संविधान संशोधन बगैर किसी भी कीमत में हम चुनाव नहीं होने देंगे ।

अध्यक्ष महेन्द्र राय यादव ने कहा कि तराई–मधेश में एक सशक्त पार्टी की आवश्यकता थी । इसके साथ–साथ शहीद परिवार, दलित, जनजाति, पिछड़ावर्ग, अल्पसंख्यक आदि समुदायों की भावना को मद्देनजर रखते हुए पार्टी को एकीकरण किया गया है और राष्ट्र के मुद्दों को संबोधित करने के लिए ही पार्टी का नाम राष्ट्रीय जनता पार्टी रखा गया ।

‘विगत में जनता की भावना के विपरीत हमने कार्य किया था, जिसकी वजह से हम पराजीत हुए । इसलिए पार्टी एकीकरण की आवश्यकता महसूस हुई’, अध्यक्ष यादव ने कहा । उन्होंने यह भी कहा कि इस एकता से तराई–मधेश में रक्त का संचार हुआ है । चुनाव के बारे में चर्चा करते हुए अध्यक्ष यादव ने कहा कि संविधान संशोधन बगैर चुनाव होने ही नहीं देंगे । यहां तक कि संविधान भी कार्यान्वयन नहीं होने देंगे ।

इसी प्रकार अध्यक्ष अनिलकुमार झा ने कहा कि सात दशक पूर्व मधेश में एक अलग विचारधारा की राजनीति की शुरुआत हुई थी । आज वह पार्टी इस नयी पार्टी में शामिल हुई है । विगत में हम अलग–अलग होकर मधेश के मुद्दों में जुटे थे । समय, काल और परिस्थिति के अनुसार मधेशी ताकत को एक जगह होने की आवश्यकता थी और इस आवश्यकता को महसूस कर एक नयी शक्ति का अविर्भाव हुआ है ।

उन्होंने यह भी कहा कि हर संगठन के लिए एकता की आवश्यकता होती है । क्योंकि एकता में बल होता है ।

अध्यक्ष राजकिशोर यादव ने कहा कि सदियों से मधेशी जनता के ऊपर हो रहे अन्याय, अत्याचार, उत्पीड़न व शोषण के विरुद्ध पार्टियों के बीच एकीकरण हुआ है ।

उन्होंने कहा कि यह एकता मधेश मिशन को पूर्ण करने के लिए है । इसके साथ–साथ हम लोगों का पुनर्मिलन भी है । मधेश और मधेशियों की समृद्धि तथा पहचान के साथ–साथ उत्पीड़न, शोषण व वंंचन में पड़े समुदायों के लिए यह पार्टी वकलात करेगी । चाहे वह हिमाल व पहाड़ के जनजाति हो, या थारु हो या कर्णाली की जनता ही क्यों न हो । हम देश में समतामूलक समाज का निर्माण करना चाहते हैं ।
इसी प्रकार तत्कालीन रामसपा के महासचिव तथा राष्ट्रीय जनता पार्टी के युवा नेता केशव झा ने कहा कि एक वर्ष के भीतर पार्टी का महाधिवेशन करवाने का लक्ष्य रहा है । और सभी जिलों में पार्टी एकता और समायोजन प्रक्रिया के दौरान साझा समझादरी तथा सहमति से नेतृत्व चयन किया जाएगा । पार्टी ने देशभर एकता के सन्देश देने हेतु दीवाली का आयोजन, उसके पश्चात् मेची–महाकाली एकता यात्रा करने की जानकारी तत्कालीन सद्भावना पार्टी के महासचिव तथा राष्ट्रीय जनता पार्टी के नेता मनिषकुमार सुमन ने दी ।
मौके पर राजनीतिक विश्लेषक दिपेन्द्र झा ने कहा कि इस एकता को मजबूत बनाने के लिए एक ठोस संयन्त्र की आवश्यकता है । इसी प्रकार मधेशी राजनीतिक विश्लेषक एवं पूर्व राजदूत विजयकान्त लाल कर्ण ने कहा कि इस नयी पार्टी में सभी जाति, समुदायों की सहभागिता करने की आवश्यकता है ।
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घोषणा सभा में पार्टी का सिद्धान्त ‘लोकतान्त्रिक समाजवाद में आधारित समावेशी नेपाल’ होने की जानकार दी गई । इसी प्रकार अध्यक्ष मंडल ही पार्टी के सर्वोच्च निकाय होने के साथ साथ पार्टी के सभी राजनीतिक, सांगठनिक निर्णय सामूहिक निर्णय प्रणाली द्वारा होने की भी जानकारी दी गई ।
घोषणा सभा में नव गठित पार्टी के हृदयेश त्रिपाठी, सर्वेन्द्रनाथ शुक्ल, वृषेशचन्द्र लाल, जीतेन्द्र सोनल, रामनरेश राय, ललितबहादुर थापा, राजकुमार मंडल, प्रदीप शमशेर जबरा, नीलम वर्मा, राजकुमार लेखी, अर्जुन उप्रेती, उपेन्द्र महतो, संतोष मेहता, अनिता यादव, मो. मसिम मिया अंसारी, विनीता यादव, पेशल ढकाल, चन्देश्वर प्रसाद सिंह, विशेश्वर यादव, राजनीतिक विश्लेषक एवं पूर्व राजदूत विजयकान्त लाल कर्ण एवं दिपेन्द्र झा, मधेशी नागरिक समाज के अध्यक्ष गणेशकुमार मंडल, मधेशी पत्रकार संघ के अध्यक्ष पंकज दास सहित सभी पार्टियों के नेता तथा कार्यकर्ता की भारी संख्या में उपस्थिति थी ।
कार्यक्रम में जीतेन्द्र सोनल ने प्रेस विज्ञप्ति वाचन किया । कार्यक्रम संचालन केशव झा ने किया तथा स्वागत भाषण मनिष कुमार सुमन तथा सभी को माला पहनाकर स्वागत पंकज दास ने किया । इसी प्रकार धन्यवाद ज्ञापन रामनरेश राय ने किया ।
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