महत्मा गान्धी ने सत्याग्रह के माध्यम से भारत को आजाद किया : राजदुत मञ्जिभसिंह पुरी

हिमालिनी डेस्क, काठमांडू, २ अक्टूबर । भारत के स्वतन्त्रता संग्राम के सुत्रधार के रुप में रहें महान नायक महत्मा गान्धी दक्षिण एसिया के स्वतन्त्रता संग्राम के प्रणेता के रुप में हैं ।

भारतीय राजदुतावास और वीपी कोइराला फाउन्डेसन द्वारा आज राजधानी मे आयोजित कार्यक्रम में भारतीय राजदुत मञ्जीभ सिंह पुरी नें कहा कि महत्मा गान्धी पुरे विश्व में परिचित हैं ।  उन्होने कहा कि महत्मा गान्धी एैसे एक शख्स हैं जिनके (स्टाचु) प्रतिमाँए पुरी विश्व में हैं ।

नेपाल भारत पुस्ताकालय में आयोजित गान्धी जयन्ती कार्यक्रम को सम्बोधन करनें के दौरान राजदुत पुरी नें कहा कि पुरे विश्व में गान्धी जी की प्रतिमाँए किसी ना किसी रुप में स्थापित हैं | नेपाल से महत्मा गान्धी के साथ स्वतन्त्रता अभियान में वीपी कोइराला, गणेशमान सिंह लगायत के नेता शामिल हुयें थें लेकिन उनका कोइ भी स्मृति के तौर पर किसी भी प्रकार की सामग्री नहीं है । उन्होने कहा कि नेपाल के नेताओं और कुछ व्यक्तियों के सहयोग में महत्मा गान्धी की प्रतिमा स्थापित करनें के लिए भारतीय दुतावास अपनी तरफ से पुरी कोशिस करेगी ।

कार्यक्रम के सम्बोधन के दौरान नेपाली काँग्रेस के प्रभावशाली नेता प्रदीप गिरी नें कहा कि महत्मा गान्धी एक एैसा महानायक हैं जिन्होने अपनी अहिंसात्मक आन्दोलन के कारण भारत को आजाद करबाया था ।

उन्होने आगें कहा कि महत्मा गान्धी के स्वतन्त्रता संग्राम, सत्याग्रह और अहिंसात्मक आन्दोलन पुरी विश्व में एक नयाँ सन्देश दिया हैं । नेता गिरी नें बडी ही चार्तुयता के साथ महत्मा गान्धी के जीवन के कुछ पहलुँओं पर प्रकाश पारा था ।

https://www.youtube.com/watch?v=UrVxm_cS0jA

नेता गिरी नें महत्मा गान्धी के जीवन मे घटे कुछ घटनाओं का जिकिर करते हुये कहा कि गान्धीजी के अन्दाज से शत्रु भी मित्र हो जाते थें । उनका विचार से हर कोई प्रभावित हो जाता था ।

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कार्यक्रम के दौरान राजदुत पुरी, नेता गिरी, पूर्वप्रधानमंत्री लोकेन्द्र बहादुर चन्द तथा नेतृ चन्दा चौधरी द्वारा महत्मा गान्धी के आत्म कथा पर अधारित सत्य को खोज नामक नेपाली पुस्तक का विमोचन किया गया था । इस पुस्तक के अनुवादक शेखर गिरी हैं । महेशचन्द शर्मा ने गीता की पंक्ति से कविता वाचन किया था | कार्यक्रम का संचालन रघुवीर शर्मा ने किया था | श्री शर्मा ने संचालन के क्रम में गाँधी के जीवन पर प्रकाश डाला था |

 

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