महामहिम रंजीत जी का कार्यकाल सकारात्मक रहाः गोविन्द प्रसाद चौधरी

 Govinda Prasad Chaudhary
काठमाण्डू,25 फरवरी । भारतीय राजदूत महामहिम रंजीत जी की कार्यक्षमता और विचारधारा के आधार पर मैं कहना चाहूंगा कि उनका कार्यकाल बहुत ही सकारात्मक रहा । रंजीत जी के ही कार्यकाल में अर्थात् उनके आने के कुछ ही समय पश्चात् दूसरी संविधान सभा का चुनाव संपन्न हुआ, नेपाल का संविधान जारी हुआ । इसी प्रकार भारतीय प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी जी और राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी भी मैत्रीपूर्ण भ्रमण हेतु नेपाल आए । मधेश आंदोलन के दौरान रंजीत जी का महत्वपूर्ण योगदान रहा । क्योंकि उस समय नेपाल–भारत के संबंधों में थोड़ा राजनीतिक उतार–चढ़ाव हो गया था । जिसे बहुत ही निपुणता से उन्होंने हल किया ।
जहाँ तक मधेश में विकास का सवाल है, तो मेरे ख्याल से नेपाल–भारत के बीच कई स्तरों पर सम्बन्ध रहा है । उसी बमुजिब विकास कार्य भी विभाजित हो जाता है । भारत का सहयोग हिमाल, पहाड़ और मधेश सभी क्षेत्रों में रहा है । ये नहीं कि हिमाल व पहाड़ में ज्यादा और मधेश में कम । प्राथमिकता के आधार पर परियोजनाएं संचालित होती हैं, ऐसा मुझे लगता है । जैसे गोरखाली फौजी के भू–भाग व हिमाल के दुर्गम क्षेत्र आदि प्राथमिकताओं के क्षेत्र रहे हैं ।
इसी प्रकार मधेश में भी विकास कार्य हुआ है, और हो रहा है । लेकिन मधेश का सामाजिक परिवेश ही ऐसा है कि वहां परियोजनाएं संचालन करने में अवरोध हो जाता है । इसलिए समय पर परियोजनाएं सम्पन्न नहीं हो पाती हैं । इधर बहुत सी परियाजनाएं कानून के पाइप–लाइन में रहती हैं, जिसकी वहज से नई परियोजनाएं नहीं आ पाती हैं । दूसरी बात यह भी है कि सरकार की ओर से जान–बुझकर बिलंब कर दिया जाता है । और विभेद भी किया जाता है । विभेद इसलिए किया जाता है कि फास्ट ट्रैक से परियोजना संचालन होने से मधेश का आर्थिक विकास तेजी से आगे बढ़ जाएगा ।
इसी प्रकार यहां के व्यूरोक्रेसी भी मधेश की दरिद्रता पर नेपाल की संपन्नता को खड़ा करना चाहता है और इसी नीति के तहत काम भी किया जाता है । व्यूरोक्रेट्स भी यही कहते हैं कि मधेश दरिद्र है, तभी हम सम्पन्न हैं । इसी वजह से भी मधेश में परियोजनाएं समय पर सम्पन्न नहीं हो पाती हैं । इसलिए यह जरुरी है कि मधेश में परियोजनाएं संचालन हेतु नेपाल–भारत दोनों सरकार की ओर से एक प्राविधिक टीम बनाया जाए ।
अंत में मैं कहना चाहूंगा कि रंजीत जी विवाद रहित ढंग से अपने कार्यकाल को सम्पन्न किया है । मैं उन्हें शुभकामनाएं देना चाहूंगा । और मैं उनसे उम्मीद करता हूं कि भविष्य में नेपाल और नेपाली जनता के चहुंमुखी विकास व उत्थान हेतु भारतीय सरकार को सदैव सलाह, सुझाव भी देते रहेंगे ।
(गोविन्द प्रसाद चौधरी, पूर्व शिक्षा राज्यमंत्री एवं स्वराज अभियान नेपाल के संयोजक हैं ।)
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