माओवादी का धोबीघाट समीकरण:-

देवेन्द्र पौडेल

पिछली बार हर्इ माओवादी केन्द्रीय समिति की बैठक ने पारटि के तत्काल के समस्याओं को कुछ हद तक समाधान करने में सफल रही। लेकिन पारटि व्याप्त वैचारिक मतभेद तथा रणनीतिक महत्वों के विषयों को अभी तक हल नहीं कर पाई है। जिन मुद्दों पर पारटि भीतर अभी तक मतभेद या विवाद बना हुआ है उनमें एक विधि बनाकर प्रक्रिया के तहत और पद्धति में लाकर महाधिवेशन में ले जाने की बात प्रमुख है। कम्युनिष्ट पारटि अन्तरविरोध की घटना कुछ ना कुछ बनी ही रहती है। एक अन्तरविरोध की घटना शान्त होती है तब तक दूसरी घटना शुरू हो जाती है। अन्तरविरोध का अन्त कभी भी नहीं हो सकता है। तत्काल के लिए कार्यविभाजन से जुडी हर्इ विषयों पर मामला ठढा हो गया है तो फिर अभी दूसरा चाभी प्रकरण वाला फिर से शुरू हो गया है।
संगठनात्मक, वैचारिक और कार्यदिशा की लाईन संगठन से संबंधित सामूहिक केन्द्रीकृत अभिव्यक्ति के बारे में लम्बे समय से बहस चलाया जा रहा था। इसलिए एक आवधिक चरण पार कर सामूहिक प्रणाली में नेतृत्व को ले जाने वाले विषय पर मामला कुछ हद तक फिलहाल सुलझता दिख रहा है। पार्टर्ीीें विभाजन और टूट फूट और विभाजन में जाने की

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