मानवता के प्रति समर्पित एक सरल और सहज व्यक्तित्व के मालिक बसन्त रचित ‘वसन्त’ का विमोचन


काठमान्डू ४ अप्रील | एक भव्य समारोह में कवि बसन्त चौधरी की कृति वसन्त का विमोचन किया गया । साहित्यकार बसन्त चौधरी की यह पाँचवी कृति है । नेपाली, हिन्दी, अँग्रेजी भाषाओं में आपकी लेखनी समानान्तर चलती है । बसन्त चौधरी का नाम नेपाली साहित्य के लिए चिर परिचित नाम है । मूलतः आपको उद्योगपति के रूप में ही जाना जाता रहा है, पर उनकी साहित्यिक कृति से परिचित व्यक्तियों के लिए आप एक सहृदयी कवि, समाजसेवी और मानवता के प्रति समर्पित व्यक्तित्व हैं । एक सरल और सहज व्यक्तित्व के मालिक कवि बसन्त चौधरी अपनी सहजता की छाप अपने मिलने वालों के समक्ष सायास ही छोड जाते हैं ।

नेपाल के उद्योग व्यवसाय को ऊँचाई प्रदान करने वाले साहित्यकार बसन्त का योगदान नेपाली साहित्य जगत में निःसन्देह अमूल्य है । आपकी विश्व काव्य यात्रा ने नेपाली साहित्य को विश्व परिप्रेक्ष्य में भी एक अलग पहचान दिलवाई है । बसन्त चौधरी खुद को उद्योगपति से पहले साहित्यकार के रूप में ही पसन्द करते हैं । आपकी संवेदनशीलता ने सृष्टि के हर उपांग को काव्य का विषय बनाया है ।

आप स्वयं कहते हैं – कोई भी तभी कवि बनता है , जब प्रकृति में सौन्दर्य खिलता है, जब केवल फूलों की डालियों पर ही नहीं, पत्तों तक में भी कविता खिलती है ।

आपके साठवें जन्मोत्सव के अवसर पर साठ कविताओं के संग्रह वसन्त का विमोचन किया गया है । नेपाली साहित्य में शायद यह पहला अवसर होगा जब किसी नेपाली कृति का आठ भाषाओं में एक साथ अनुवाद किया गया हो । यह एक अवस्मिरणीय क्षण था । नेपाली भाषा में रचित वसन्त का अँग्रेजी, हिन्दी, भोजपुरी, मैथिली, तामांग, मारवाडी, बंगाली और नेपाल भाषा में अनुवाद किया गया है । जिसे क्रमशः लेखिका भुवन ढुँगाना, प्रा.डा. उषा ठाकुर, डा. ध्रुवचंद गौतम, डा.रामावतार यादव, श्री अमृत योजन, पं. मानवेन्द्र शर्मा, श्री नुपुर भट्टाचार्य और साहित्यकार दुर्गालाल श्रेष्ठ के हाथों लोकार्पण किया गया ।
वसन्त की नौ कविताओं को विभिन्न थियटर के कलाकारों ने मनोरम मंचन किया साथ ही साहित्यकार, उद्योगपति, समाजसेवी बहुयामिक व्यक्तित्व के मालिक बसन्त चौधरी की जीवन यात्रा पर एक वृतचित्र भी प्रस्तुत किया गया ।

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