मिथिला में आज जुडशीतल पर्व

जनकपुरधा, १५ अप्रिल । मिथिलाञ्चल क्षेत्र में परम्परागत रुप में मनानेवाला जुडशीतल पर्व आइतबार जनकपुरधाम में भी सम्पन्न होने जा रहा है । होली में जिस तरह रंग और अबीर खेला जाता है, जुडशीतल में पानी और किचड खेला जाता है । स्थानीयबासी का कहना है कि पहले–पहले गांवबासी के बीच यह पर्व अत्यन्त लोकप्रिय था, लेकिन आधुनिकता के साथ–साथ जुडशीतल पर्व लोप होने जा रहा है । जुडशीतल को मिथिला में लोकपर्व के रुप में भी जाना जाता है ।


एक कहावत है कि जुडशीतल के अवसर पर पानी और किचड़ शरीर में लगाने से स्वास्थ्य लाभ होता है, चर्म रोग नहीं लगता है और धूप से शीतलता मिलती है । धूप के मौसम में शरीर में विभिन्न प्रकार का चर्म रोग हो सकता है, जनविश्वास अनुसार अगर जुडशीतल में पानी और किचड़ को शरीर में लगाएंगे तो चर्म रोग नहीं होगा ।
शहरी क्षेत्रों में तो नयां पुस्ता के लोग जुडशीतल भूल चुके हैं, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों की कई जगहों में अभी भी यह पर्व मनाया जाता है । पर्व के दिन सुबह घर के बडे–बुजुर्ग लोग अपने से छोटे परिवारिक सदस्यों की शर पर पानी रख कर शितलता की कामना करते हैं । कई लोग इस पर्व के अवसर पर पौदे में भी पानी डालते हैं । यहां तक कि इस दिन घर के गाय और अन्य पशुओं को भी स्नान किया जाता है ।

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