मुंबई के एलफिंस्टन रेलवे स्टेशन के फुट ओवर ब्रिज पर भगदड़ मच जाने से 22 लोगों की मौत

३० अक्टुबर

 

मुंबई के एलफिंस्टन रेलवे स्टेशन के फुट ओवर ब्रिज पर भगदड़ मच जाने से 22 लोगों की मौत हो गई जबकि 40 से 45 लोग घायल हो गए हैं। ब्रिज पर भारी भीड़ भी थी। घटना सुबह 11 बजे के आसपास की है। घायलों को केईएम अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हादसे पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुख जताया है।

इस हादसे में मरने वालों को 10 लाख रुपये मुआवजा मिलेगा। 5 लाख रुपये राज्य सरकार की ओर से और 5 लाख रुपये रेलवे की ओर से दिया जाएगा। रेलवे की ओर से मिलने वाले मुआवजे का एलान रेल मंत्री पीयूष गोयल ने किया है। इसके अलावा रेल मंत्री ने गंभीर रूप से घायल लोगों को 1 लाख रुपये और मामूली रूप से घायल लोगों को 50 हजार रुपये देने का एलान किया है।

रेल मंत्री पीयूष गोयल के मुंबई पहुंचने के बाद उन्होंने भगदड़ में मारे गए लोगों के प्रति गहरी संवेदना जताई और कहा है कि इस दुर्घटना की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दे दिए गए हैं।

इसके साथ ही महाराष्ट्र सरकार में मंत्री विनोद तावड़े ने हादसे में मारे गए लोगों के परिवारों को पांच लाख रूपए की आर्थिक मदद की बात कही है। घायलों के इलाज का पूरा खर्च राज्य सरकार द्वारा उठाए जाने की घोषणा की है।

केईएम अस्पताल की तरफ से हेल्पलाइन नंबर जारी किया गया है। 022-24107000 | 24136051 | 24107020 | 24131419 इन नंबरों पर फोन करके पीड़ित परिवार जानकारी पा सकते हैं।

आपदा प्रबंधन के साथ ही मौके पर फायर ब्रिगेड की टीम भी लोगों के रेस्क्यू के लिए पहुंचीं। बताया जा रहा है कि जब पुल गिरने की अफवाह फैली, तो भगदड़ मच गई और पुल पर फिसलन के कारण यह हादसा और भी बड़ा हो गया है। भगदड़ मचने के बाद काफी औरतें बेहोश हो गई थी।

हादसे की ये वजहें बताई जा रही हैं-

शॉर्ट सर्किट 
भारी बारिश के बीच ही शॉर्ट सर्किट होने की अफवाह फैल गई। हादसे के प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि अफवाह की वजह से लोगों में अफरातफरी मच गई और लोग अचानक इधर-उधर भागने लगे। बारिश से बचने के लिए लोग ब्रिज पर ही खड़े हुए थे।

फुटओवर ब्रिज टूटने की बात
चश्मदीदों ने बताया कि इस दौरान लोगों को अचानक से समझ में नहीं आया कि किधर जाना है। इसी दौरान वहां पर फुटओवर ब्रिज के टूटने का हल्ला मच गया और लोगों में भगदड़ मच गई।

ज्यादा भीड़

शुक्रवार को छुट्टी होने की वजह से स्टेशन पर भीड़ ज्यादा थी और लोग काफी अधिक संख्या में स्टेशन पर मौजूद थे। इस वजह से यह हादसा काफी बड़ा हो गया।

फौरन राहत कार्य में जुटे लोग 
घटनास्थल पर मौजूद लोगों ने बताया कि सुबह 10 बजकर 30 मिनट पर हुए हादसे के बाद वहां मौजूद लोग ही फौरन राहत एवं बचाव कार्य में जुट गए। पुलिस और अस्पताल की कोई भी सुविधा पहुंचने तक लोगों ने खुद ही घायलों की मदद की। घटनास्थल पर मौजूद एक यात्री किशोर ठक्कर ने हादसे के खौफनाक मंजर को बयां करते हुए बताया कि भगदड़ के बाद एक के ऊपर एक लाशें और घायल पड़ी हुई थीं। हमने उन्हें उठाया और वाहनों तक ले गए।

पहले भी की जा चुकी है पुल को दुरुस्त करने की मांग 
शुक्रवार को हुए इस हादसे के बाद रेलवे प्रशासन पर सीधे उंगली उठ रही है। एलफिन्सटन रोड स्टेशन के फुटओवर ब्रिज की खस्ता हालत को सुधारने के लिए पहले भी मांग हो चुकी है।

इस मामले पर पुलिस का कहना है कि घटना की जांच की जा रही है। उधर, पश्चिम रेलवे ने कहा है कि घटनास्थल पर मेडिकल टीम पहुंच गई है और घायलों को सहायता मुहैया कराई जा रही है। वरिष्ठ अधिकारी स्टेशन पर राहत और बचाव कार्य की निगरानी कर रहे हैं। रेलवे के प्रवक्ता अनिल सक्सेना ने बताया कि रेल मंत्री पीयूष गोयल मुंबई पहुंच रहे हैं।

सेंट्रल लाइन के परेल स्टेशन और वेस्टर्न रेल लाइन के एलफिंस्टन स्टेशन को कनेक्ट करने वाले ब्रिज पर पीक आवर की भीड़ थी। घटना के समय जब अचानक बारिश आई, तब सभी लोग ब्रिज पर ही रुक गए। ब्रिज पर भीड़ बढ़ने लगी, जबकि कोई उतरने को तैयार नहीं था। ऐसी स्थिति में सेंट्रल लाइन की ट्रेन पकड़ने के लिए धक्का-मुक्की होने लगी और इसी घटना ने भगदड़ का रूप ले लिया।बताया जाता है कि ब्रिज से हर मिनट 200 से 250 लोग गुजरते हैं। ब्रिज को लेकर पहले भी चेतावनी दी गई थी कि वह कभी किसी बड़े हादसे का शिकार हो सकता है। लेकिन प्रशासन की तरफ से इस ओर ध्यान नहीं दिया गया।

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