मुख्यमन्त्री राउत की अभिव्यक्ति को लेकर प्रदेश नं. २ में मत विभाजन

जनकपुरधाम, १५ मई । भारतीय प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी के नेपाल भ्रमण के दौरान प्रदेश नं. २ में आयोजित नागरिक अभिनन्दन समारोह में मुख्यमन्त्री लालबाबु राउत द्वारा व्यक्त अभिव्यक्ति को लेकर प्रदेश संसद में विवाद हो गया है । पक्ष और विपक्ष में विभाजित सांसदों के बीच आपस में आरोप–प्रत्यारोप भी हुआ है । सत्ता सहयात्री दल संघीय समाजवादी फोरम नेपाल और राष्ट्रीय जनता पार्टी ९राजपा० नेपाल के सांसदों ने मुख्यमन्त्री राउत की बचाव किया है । लेकिन नेपाली कांग्रेस, नेकपा एमाले और माओवादी समर्थित सांसदों ने विरोध किया है ।


मंगलबार सम्पन्न प्रदेश संसद बैठक में बोलते हुए संघीय समाजवादी फोरम नेपाल के सांसद रामआशिष साह ने कहा कि मुख्यमन्त्री राउत ने प्रदेश की गरिमा और जनता की भावना के अनुसार अपनी मन्तव्य दिया है । उनका यह भी कहना है कि मुख्यमन्त्री द्वारा व्यक्त अभिव्यक्ति को लेकर बहस करना ठीक नहीं है । लेकिन नेपाली कांग्रेस के सांसद शिवचन्द्र चौधरी ने कहा कि मुख्यमन्त्री की अभिव्यक्ति बिल्कुल सही नहीं है । उनका कहना है कि प्रदेश में जो समस्या है, उस में केन्द्र सरकार को जिम्मेदवारी ठहराते हुए विदेशी अतिथियों के साथ कम्प्लेन करना ठीक नहीं है । सांसद चौधरी ने कहा कि जिन मुद्दों में भारतीय प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी का कोई सरोकार नहीं है, उसके बारे में जानकारी देना आवश्यक नहीं था ।
राजपा की ओर से प्रतिनिधित्व करनेवाली सांसद डिम्पलकुमार झा ने कहा कि विशेषतः पहाडी सांसदों ने मोदी भ्रमण और मुख्यमन्त्री राउत की अभिव्यक्ति को लेकर नकारात्मक टिप्पणी किया है । उन्होंने कहा– ‘मुख्यमन्त्री की ओर से जो अभिव्यक्ति आई, उस को लेकर कुछ पहाडी सांसदों ने टिका–टिप्पणी किया है, उसको मैं घोर भत्सर्ना करती हूं ।’ सांसद् झा का मानना है कि मोदी भ्रमण के कारण रोटी–बेटी का संबंध में और भी मजबूती आई है । उनका मानना है कि मुख्यमन्त्री की अभिव्यक्ति जनभावना के अनुसार है, इसमें केन्द्र सरकार को कोई भी तकलिफ नहीं होना चाहिए ।
नेपाली कांग्रेस की ओर से प्रतिनिधित्व करनेवाली सांसद शोभा लामा ने राजपा सांसद डिम्पल झा की अभिव्यक्ति पर आपत्ति प्रकट करते हुए कहा कि मधेशी और पहाडी समुदाय के बीच वैमनस्यता सिर्जना न करे । उनका मानना है कि सांसद झा ने पहाडी और मधेशी समुदाय के बीच विखण्डन की बात की है, जो स्वीकार्य नहीं है । इसीतरह नेकपा एमाले की ओर से प्रतिनिधित्व करनेवाली सांसद मञ्जु यादव ने भी मोदी भ्रमण के दौरान की गई गलतियों के बारे में चर्चा करते हुए विरोध की है । उनका कहना था कि नागरिक अभिनन्दन के दौरान नेपाल की राष्ट्रीय गान बजना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ ।
स्मरणीय है, गत मई ११ के दिन जनकपुर में आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधन करते हुए प्रदेश नं। २ के मुख्यमन्त्री लालबाबु राउत ने कहा था कि केन्द्र सरकार और संविधान के विभेद के कारण मधेशी समुदाय पीछे पड़े हैं और उसके विरुद्ध संघर्ष जारी ।

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