मुजफ्फरनगरः दंगे में 16 लोगों की मौत, सेना तैनात

curfew-in-muzaffarnagar-522c2da769f3f_exlउत्तर प्रदेश में कवाल कांड के बाद से जिलेभर में सुलग रही नफरत की चिंगारी ने शनिवार को विकराल रूप ले लिया। नंगला मंदौड़ में शनिवार को ‘बहू-बेटी बचाओ सम्मान महापंचायत’ के बाद जिलेभर में दो समुदायों के बीच दंगा भड़क गया।

अब तक मिली सूचना के मुताबिक, इस संघर्ष में एक टीवी पत्रकार राजेश कुमार समेत दोनों समुदायों के 16 लोगों की मौत हो गई, जबकि 30 लोग घायल हो गए। हालात के मद्देनजर जिले के तीनों थाना क्षेत्रों में कर्फ्यू लगा दिया गया है। प्रदेश में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है।

दोषी लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश
हालात पर काबू पाने के लिए सेना बुलाई गई हैं। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए इस फसाद के दोषी लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

उन्होंने मृतक पत्रकार के परिजनों को 15 लाख, अन्य मृतकों के परिजनों को 10-10 लाख, गंभीर रूप से घायल लोगों को 50-50 हजार तथा मामूली रूप से घायल को 20-20 हजार रुपए की सहायता देने की घोषणा की है।

उधर, पत्रकारों ने आईजी कानून व्यवस्था आरके विश्वकर्मा का घेराव कर डीएम और एसएसपी को निलंबित करने की मांग की।

प्रशासन की नाकामी से हिंसा
प्रशासन की नाकामी से पूरा जिला हिंसा की भेंट चढ़ गया है। शनिवार को नंगला मंदौड़ में महापंचायत में हजारों की भीड़ जुटी तो पूरे जिले का माहौल गरमा गया। शाहपुर के बसी कलां में पथराव और फायरिंग को भी प्रशासन ने हल्के में लिया।

मंदौड़ पंचायत में जाते समय शामली के कांधला निवासी एक व्यक्ति की पीटकर हत्या कर दी गई। प्रशासन हादसा बताकर लाश को वहां से उठाकर ले आया। इस बीच अलमासपुर में एक शख्स से मारपीट के बाद स्कूटी में आग लगा दी गई। दो और बाइकें भी फूंक दी र्गइं।

इसके बाद शहर में अफरातफरी मच गई। धड़ाधड़ बाजार बंद हो गए। मीनाक्षी चौक पर भीड़ सड़कों पर आई तो दूसरे समुदाय के लोग भी सामने आ गए। पत्थरबाजी के बाद दोनों ओर से 50 राउंड से अधिक गोलियां चलीं।mujaffarnagar-riot-522b8ac6ad0db

कर्फ्यू लागू
पुलिस अफसर सड़कों पर दौड़ते रहे और गली-मोहल्लों में बलवाइयों का कहर टूटता रहा। फक्करशाह-अबूपुरा मोड़ पर कवरेज करने गए टीवी पत्रकार राजेश वर्मा की गोली मारकर हत्या कर दी गई। कृष्णापुरी में दंगाइयों के हाथों एक युवक मारा गया।

इसके बाद पंचायत से लौटते लोगों पर योजनाबद्ध तरीके से हमले हुए। मीरापुर के मुझेड़ा सादात में बहसूमा के मोड़ खुर्द निवासी एक युवक और मोहम्मदपुर शकिस्त का एक व्यक्ति भी हमले का शिकार बन गए। भोपा क्षेत्र से भी एक अज्ञात लाश मोर्चरी में लाई गई।

आईजी कानून व्यवस्था आरके विश्वकर्मा के आने के बाद शहर में कर्फ्यू लागू कर दिया गया। शहर के अलावा जौली, पुरबालियान, मंसूरपुर में हिंसक और आगजनी होने की खबरें हैं। पुलिसकर्मियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई।

ये चढ़े हिंसा की भेंट
हिंसा में टीवी पत्रकार राजेश वर्मा की छिंपीवाड़ा में जान चली गई। जबकि कृष्णापुरी, मोड़ खुर्द बहसूमा और मोहम्मदपुर शकिस्त एक-एक व्यक्ति की मौत हुई है। वहीं कांधला में दूसरे समुदाय के एक व्यक्ति की मौत हुई है। भोपा में मिले एक शव की शिनाख्त नहीं हो सकी है।

आईजी कानून-व्यवस्था ने मुजफ्फरनगर में डाला डेरा
प्रदेश के संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त एहतियात बरतने और पुलिस फोर्स लगाने के निर्देश दिए गए हैं। मुजफ्फरनगर में बेकाबू हो रहे हालातों को देखते हुए आईजी कानून एवं व्यवस्था व आईजी मेरठ को मुजफ्फरनगर में कैंप करने को कहा गया है।नोएडा में पुलिस आधुनिकीकरण की बैठक में हिस्सा ले रहे प्रमुख सचिव गृह को वापस लखनऊ बुला लिया गया है। राजधानी से पांच कंपनी पीएसी और पांच कंपनी आरएएफ को भी भेजा गया। इसके अलावा 28 कंपनी अतिरिक्त पुलिस बल प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर तैनात करने के भी निर्देश दिए गए हैं।

हत्या की घटना को छुपाए रही पुलिस
नंगला मंदौड़ महापंचायत स्थल से पहले ही एक युवक की भीड़ ने पीट-पीट कर हत्या कर दी गई है। बवाल के डर से पुलिस उसकी मौत को छिपाए रही।

नंगला मंदौड़ जा रही बेकाबू भीड़ ने कांधला निवासी इसरार को पकड़ लिया। लाठी-डंडा से पिटाई करने के साथ उसके पैरों पर धारदार हथियारों से हमला किया गया।

हत्या की खबर से पुलिस में हड़कंप मच गया। पुलिस ने बवाल के डर से लाश को खेत में छिपा दिया। बाद में एंबुलेंस में डालकर ले गए। पहले तो पुलिस इंकार करती रही। फिर हादसे का नाम दिया जाता रहा।

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