मुझे मधेश की अस्मिता प्यारी है : विकास प्रसाद लोध

विकास प्रसाद लोध, लुम्वीनी, ४ फरवरी | “कुछ अपेक्षा नही केवल मधेश और मधेशी जन की सेवा करने की भावना ने जनता जनार्दन के सामने कर वद्ध होने को मजवुर कर दिया” | जापान के टोकियो युनिवर्सिटी से इन्फोर्मेसन टेक्लाॅजी मे मास्टर डिग्री तथा अमेरिका के कैम्व्रिज विश्व विद्यालय से पि एच डि करने के वाद डा राउत कुछ समय तक वैज्ञानिक के रूप मे भी काम किए। अनेको मेडल पुरस्कार तथा सम्मान से सम्मानित डा राउत द्वारा मधेश इतिहास, वीर मधेशी, मधेश स्वराज, वैराग देखि वचाव सम्म, पुस्तके लिखीगई। जिस मे मधेश इतिहास एक विशेष पुस्तक के रूप मे प्रस्तुत हुवा। कुछ कमी नही थी। जिन्दगी अमेरीका के विलासमय वातावरण के गुजर जाती। अच्छी शिक्षा, अच्छी तनखाह, अच्छी कामयावी कौन नही चाहता। वह सपना जो हर कोई देखते रहते हैं। वह कामयावी जो हरकोई पाने के लिए वेताव दिनरात संघर्ष करते रहते है। अपनो के खातिर मधेश के लिए इतना वड़ा त्याग देने वाले व्यक्ति को अपना आदर्श वनाने मे मुझे गर्व महसुस होता है।

के राउत एक वैज्ञानिक, उनका मधेश कल्याण कारी सोध, और उस से उपजा एक विचार, जो मधेश को निसन्देह चिर स्थाई समाधान देगा, मधेश को मदत करने का सटिक मार्ग जिसे आत्मसाथ करके लोग स्वराज अभियान को प्रगती प्रदान कर रहे है, और आजादी अभियान आशमान छु जाने को है। डाक्टर साहव के वह महान परिवर्तनकारी विचार, वह आदर्श मान्यताएँ, जो स्वराजीयो को सत्य के मार्ग पर चलते हुये आजादी प्राप्त करने की प्रेरणा प्रदान करते हुये शान्तिपुर्ण एवम अहिंसा के पथ को प्रदर्शीत करते हैं, और लोकतान्त्रिक व्यवस्था पर अटल रहने का सन्देश देते हैं इस पवित्र विचार को शिरोधार्य कर स्वराजी अपने आपको समर्पित कर दिए मधेश की सेवा एवम आजादी के लिए तो मै पिछे कैसे रह जाउ।

जनकपुर निवास पर  डाॅ. सि. के. राउत को गिरफ्तार करके गाडी में बैठते पुलिस

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 मेरे मार्ग निर्देशन के लिए उनके महान विचार काफी है और इस से ज्यादा मुझे आपेच्छा भी नहीं है क्योंकि की उनके विचार से ही मधेश को मदत करने की शक्तिऔर साहस मुझे मिल गए हैं”

मुझे मधेश की अस्मिता प्यारी है, और प्यारा है मधेशीयो का अस्तित्व , इसका संरक्षण और सम्वर्धन करने का सौभाग्य प्राप्त होना मेरे लिए किसी रत्न वा मेडल से कम नही। मुझे मालुम है केवल आजादी ही एक विकल्प है जिस से मै इनको अन्तिम रूप दे सकता हु, यह जानते हुये भी अगर मैं अभी राजनितिक फण्डो मे पडकर समय वरवाद करू तो सायद मुझ से वडा मुर्ख दुनिया मे कोइ नही होगा। और डा सिके राउत के नेतृत्व में मधेश के लिए कुछ करने का अवसर प्राप्त हुआ है तो मैं इसे हाथ से कैसे जाने दु, अव मैं मधेश की अस्मिता एवम मधेशीयो का अस्तित्व संरक्षण के हेतु डा सिके राउत के साथ सत्याग्रह के लिए तैयार हुं।

आज जब फिर से हमे वुद्ध अवतरण का अवश्यकता महसुस होने लगा। निजात पाने के हरेक रास्ते वन्दन होते हुये भी हमें निजात का वह मार्ग की अवश्यक्ता आन पड़ी जिसके माध्यम से मधेश तथा मधेशीयो को विना कोइ नुक्सान के संरक्षण हो सके। अस्तित्व धराप मे पड़े लोगो की संरक्षण किया जा सके। हमारे आगन्तुक अतिथियों के लिए उचित व्यवस्था हो सके। “विभिन्न अनगिन् त संकटो से ग्रसीत एवम अस्तित्व विहिन होने के कगार पर खड़े मधेश तथा मधेशीयो का सफल इलाज के मार्ग प्रशस्त करने वाले महान व्यक्ति डा सिके राउतकी मैं प्रशंसा करता हूँ | सुन्दर पावन एवम मनोरम मधेश भुमी को गुलामी से मुक्त कर अमन का स्थापना का संकल्प लेने वाले, स्वराज एवम रामराज्य का स्थापना के लिए संघर्ष करने वाले, वुद्ध के पथ को अपना मार्ग वनाने वाले, शान्तिपुर्ण एवम अहिंशा को अपना प्रमुख धर्म मानने वाले डा सिके राउत के साथ क्यो न रहूँ।

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