मुस्लिम महिलाओं को क्या हैं पसन्द आप भी जानें

muslin

हिमालिनी डेस्क
काठमांडू, ११ अप्रील ।
फैशन के मामले में मुस्लिम महिलाओं की भी अपनी पसंद और नापसंद होती है । इस फैशन बाजार की भी बड़ी संभावनाएं हैं जिसका अभी तक ठीक से इस्तेमाल नहीं किया गया है ।
फैशन कंसल्टेंटों का कहना है कि, “दुनिया भर में मुस्लिम उपभोक्ताओं के खर्च करने की क्षमता साल दर साल बढ़ रही है ।“
कंसल्टेंटों ने आगे बताया, “हम जानते हैं कि मुसलमानों का फैशन बाजार सालाना २०० अरब डाँलर का है और ये जल्द ही एक लाख करोड़ डाँलर के करीब पहुंच सकता है ।

‘मुस्लिम महिलाएं मानेंगी कि उनकी पसंद–नापसंद पर उनके मजहब का असर है । वे शालीन तरीके से कपड़े पहनना पसंद करती हैं ।’
मुसलमान औरतों के लिए शालीन कपड़े का मतलब अमूनन लंबी स्कर्ट, ढंकी बांहों वाले कपड़े से निकाला जाता है । कुछ महिलाएं तो अपने बाल भी ढंके रखना पसंद करती हैं ।
इस वजह से महिलाओं के लिए खरीदारी करना अक्सर ही मुश्किल हो जाता है । एक सवाल इसी से जुड़ा है कि इस बाजार में दखल बनाकर फैशन ब्रैंड्स क्या हासिल कर सकती हैं । मुस्लिम महिलाएं पिछले पांच सालों से फैशन ब्रैंड्स के सामने ये मांग उठाती रही हैं कि उनकी पसंद–नापसंद का भी खयाल रखा जाए ।’

मुस्लिम महिलाएं ब्रैंड्स को लेकर ज्यादा फीक्रमंद रहती हैं, उनकी पसंद में एक तरह की स्टैबिलिटी है । इसलिए जो भी ब्रैंड्स उनकी पसंद का ख्याल रखेंगे, उन्हें वफादार कन्ज्यूमर बेस मिलेगा ।

लेकिन मुस्लिम महिलाएं क्या सोचती हैं?

एक मुस्लिम महिला ने कहा, “ये अच्छी बात है । पहली बार मुसलमान औरतों की पसंद का खयाल रखा जा रहा है । हम इसमें ब्रैंड वैल्यू देखते हैं और मेरे खयाल से लोगों को ब्रैंड से जुड़ने दीजिए । इससे ब्रैंड की इज्जत बढ़ती है ।
इसी सवाल पर एक और मुस्लिम महिला कहती हैं, “आपको लगता है कि आप समाज का हिस्सा हैं । अगर ऐसा होता है तो ब्रैंड्स एक बड़े बाजार में उतरने जा रहे हैं । ये एक ऐसा बाजार है जिसका इस्तेमाल नहीं किया गया है ।
-एजेन्सी

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