मेरी चन्द बेहूदी हर कतें

कोई मेरे को मुंह पर बेहूदा कहे तो मैं उस बेहूदा के गाल पर ऐसा करार ा चांटा र सीद कर ता कि वह बेहूदा फिर कभी किसी को बेहूदा नहीं कहता । लेकिन हकीकत तो कुछ और ही है । मैंने ढेÞर सारी  बेहुदगियां की हैं । उनमें से कुछ चुनिन्दा बेहूदगियां मैं पेश कर ने की इजाजत चाहता हूँ ।majak

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