मेरे राजीनामा से कहाँ-कहाँ खुशियाली मनी ? खुशियाली में अनिष्ट है : के पी ओली

विजेता चौधरी, काठमाण्डू, १२ साउन
प्रज्ञा पतिष्ठान कमलादि में आयोजित स्रष्टा सम्मान समारोह में बोलते हुए प्रधानमन्त्री केपी शर्मा ओली ने पुछा कि मेरे राजीनामा देने से कहाँ-कहाँ खुसीयाली छायी है ? उन्होंने कहा की उनके राजिनामा से देश के भितर और उस से ज्यादा देश के बाहर खुशियाली मनायी गई है ? उन्होंने प्रतिप्रशन करते हुए कहा, ठीक है खुसीयाली मनाना लाजमी है लेकिन खुसीलायी में देश की अनिष्ट छिपी हुइ है | उन्होंने कहा कि ऐसा भ्रम न पाले । नाम न लेते उनका इशारा दीपावली मनाने वाले और भारतीय मिडिया की और इंगित था |

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संस्कृति, पर्यटन तथा नागरिक अडडयन मन्त्रालय ने आज महाकवि देवकोटा पुरस्कार, राष्ट्रीय तथा क्षेत्रीय प्रतिभा पुरस्कार सहित नव गठित भगत सर्वजित मानव मर्यादा राष्ट्रीय पुरस्कार २०७२ पुरस्कार वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया था | कार्यक्रम में बोलते हुए ओली ने कहा कि समाज के सुन्दरता अनुरुप विकास न हो सका यह दुर्भाग्यपूर्ण है | उन्होंने चिंता व्यक्त की कि किसी के सुइ लगादेने से समाज भडक जाता है तथा लोग उछालने लगतें हैं ।
ओली ने दशहरें में टीका लगाना वा नजराना चढाने का अब समय नहीं है नेपाल खुद अपने आन्तरीक समस्याओं का सामाधान कर सकता है कहा ।
ओली ने कहा हम अपने मौलिकता को नहीं छोडेगें तो निश्चय ही आगे बढ सकेगें । khushiyali

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