मैं एक हप्ता बाद मुह खोलुगां : डा. सी.के. राउत

Binaykumar

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विनय कुमार, मई २२ , काठमाडौं । समाजिक संजाल पर पहले सरिता गिरी फिर वाद में डा. सि.के. राउत छाये हुयें हैं | डा. राउत का एक बयान को लेकर समाजिक संजाल भद्दी भद्दी गलियों से भरी हुई है | लेकिन राउत इसपर चुप्पी साधे हुयें हैं | लोगों में जानने की उत्सुकता बढ़ रही है | डा. राउत का वयान सही है या गलत यह उनके फेशबुक स्टेट्स से स्पष्ट नही हो पारहा है | इस सम्बन्ध में हिमालिनी प्रतिनिधि ने उनसे जानने की कोशीस की तो राउत बोलने से इंकार कर गयें | यह पूछे जाने पर कि क्या आपने सही कहा है तो स्वतन्त्र मधेस अभियन्ता डा. सि.के. राउत ने कहा कि मैं एक हप्ता बाद मुह खोलुगां ।
आज शुक्रबार दोपहर को हिमालिनी से बातचित करते हुए उन्होने कहा कि मैं सभी विषयों पर एक हप्ता बाद में बताउंगा | उनसे बार बार पूछे जाने पर उन्होंने कहा  कि आप धैर्य रखे, यह जानने के लिए मुझे भी ढेर सारे फोन आ रहें  हैं । मैं इस सम्बन्ध में एक हप्ता बाद पुरी बात करूगां | 

नेपाल सरकार ने भूकम्प पिड़ितों को मधेस की भुमि में वसाने  की निर्णय पर राउत ने ‘यह हुआ तो गृहयुद्ध हो सकता है’ जैसी प्रतिक्रिया दिया था । यह बात बहुत तेजी से नेपाली मिडिया में छा गइ । उसके बाद सामाजिक सञ्जाल(फेसबुक) पेज में राउत को गालियां देनेवालों की संख्या काफी बढ़ गई है । फेसबुक में राउत को सिर्फ पहाडी समुदाय के लोग ही नहीं बलकि कुछ मधेसी भी विरोध कर रहें हैं । बजार में हो रही उनके खिलाप टिप्पणी पर हिमालिनी ने यह जानने की कोशीस की थी । क्या यह सच है की झुठ ? तो राउत का एक ही जवाव था, ‘एक हप्ता बाद बताएगें ।’
कुछ दिन पहले एमाओबादी सुप्रिमो प्रचण्ड पुत्र प्रकाश दाहाल नें फेसबुक पर लिखा था, ( ‘सि के राउत भन्ने पाखण्डीलाई तत्काल कारवाही गरिएन भने त्यो घातक हुने दखिन्छ । तिनी कतैबाट परिचालित भएका व्यक्ति हुन् । तराई, पहाड, हिमालबासी सब नेपाली एक ठांउमा एकताबद्ध हुन जरुरी छ । तराईमा यदि प्रलय गयो भने पहाड र हिमाल ले बास स्थान देखि सबै व्यवस्था गर्न, पहाड हिमाल लाई परे तराईले ! यदि यो सुत्र भन्दा बाहिर गएर कोही माईकाल बोल्छ भने र म नेपाली हो भन्छ भने त्यसको नागरिकता खारेजी गरेर देशनिकाला गर्न जरुरी छ । ए सरकार तुरुन्त स्टेप चाल । पहाडलाई परेको पिडा तराईबासी कुनै व्यक्तिले मजाक ठान्यो भने त्यसलाई नेपाली हुने अधिकार कदापी रहेन् ।’)

CK Raut

डा.सी.के. राउत

लेकिन यह बात झुठ है की सही यह  सिर्फ राउत ही बताएगें । कुछ न्युज साइट में ‘पहाडी महिला बेश्या हैं जैसी बाते आई हैं’, यह बात राउत ने कही है या साईट की मनगढंत है ? यह तो राउत साहब ही बतायेगें । फिलहाल राउत ऐसा बोलें  है की नहीं इस विषय पर एक हप्ता के बाद ही मालुम हो पायेगा ।
राउत के फेसबुक पेजपर ‘मई १९, ५ बजकर १७ मिनेट मे ‘रिकन्सट्रक्सन हैन, मधेसको लागि डिस्ट्रक्सन’ यह पोस्ट हुआ था । जिस में यह भी लिखा है (राउत के शब्दों मे– ‘भूकम्पका नाममा नेपाली शरणार्थीहरु मधेशमा बनफंडानी र भूमिकब्जा मात्रै गरिराखेका छैनन्, नेपाली शरणार्थीहरु मधेशमा भित्रिएसंगै हैजा, बेश्यावृत्ति, आंतक पनि भित्र्याइराखेका छन् ।’

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