मैं, मधेश आंदोलन हूँ ! बि.के. पासवान

मैं, मधेश आंदोलन हूँ !
अभी शिशिरका मौसम है,
मैं भी ठिठुर सा गया हूँ,
लेकिन घबरा नहीं रहा मैं,
केवल बसंतकी प्रतीक्षा कर रहा हूँ,
बसंत आते ही मुझमे शौर्य भी आएगा,
मद-मस्त #नेता-जनताको तब होशमे भी लाऊंगा,
फिर, गृष्मके तेजके साथ, मधेशको नयाँ ओज से भर दूंगा,
जनताकी अधिकार प्राप्तिकी इस #संघर्षको नयाँ उचाई भी दूंगा,
उस समय निष्ठुर #नश्लीय सत्ताको घुटनोंपर लाकर ही दम लूंगा ,
फिर, बर्षा की जलधारा के साथ,#निरंकुश सत्ताको दूर बहा ले जाऊंगा।

-रचना: बि.के. पासवान

binod paswan

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