मोदी का जादू सर चढ कर बोला ।

modi_lalkila2काठमाणडू, १६ अागस्त ।एक बार फिर मोदी के भाषण की चर्चा हर ओर हो रही है । भारत के ६८वें स्वतन्त्रता दिवस के अवसर पर लालकिले के प्राचीर से मोदी ने सबको सम्मोहित कर लिया । आलोचक भी उनके प्रशंसक हो गए हैं । सबसे बडी बात ये कि मोदी नेपाल में कही गई बातों को नेपाल में छोड कर नहीं गए बल्कि यहाँ की अनुभूति को उन्होंने भारत के मंच से विश्व के सामने रखा । उन्होंने कहा कि भारत को ही नहीं विश्व को नेपाल से सीखना चाहिए कि द्वन्द्ध जैसे गम्भीर मसले को भी किस तरह शाँति प्रक्रिया और आपसी समझदारी से हल किया जा सकता है । मोदी ने फिर बुद्ध को याद किया सम्राट अशोक को याद किया जिसने बुद्ध की भूमि से प्रभावित होकर हिंसा का त्याग किया था । अभी विश्व जिस दौर से गुजर रहा है उसमें मोदी का बार बार बुद्ध को याद करना निस्सन्देह विश्व को एक संदेश दे रहा है कि हिंसा नहीं अहिंसा का मार्ग ही सही है । और साथ ही विश्व का ध्यान नेपाल की ओर आकर्षित कर नेपाल को एक चुनौती भी दिया जा रहा है कि अतीत में जिस समझदारी को अपनाया गया आज भी उसी की जरुरत है । समय रहते संविधान निर्माण की आवश्यकता और विकास की राह चुनने की जरुरत है ।श्वेतादीप्ति

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