मोदी भ्रमण ः मोदी का संसद सम्बोधन संविधान के लिए ऋषि मन की आवश्यकता

मोदी भ्रमण ः मोदी का संसद सम्बोधन
modiसंविधान के लिए ऋषि मन की आवश्यकता
श्वेता दीप्ति, काठमान्डौ, श्रावण, १८ गते । नेपाल की भूमि पर १७ वर्षों के पश्चात् भारतीय प्रधानमंत्री का नेपाल आगमन और नेपाल के संसद को सम्बोधन अपने आप में एक ऐतिहासिक घटना है । आधे घंटे के सम्बोधन में मोदी ने संक्षिप्त रूप से तकरीबन अर पहलू को छूने की कोशिश की । एक जादुई असर तो जरुर दिखा उनके सम्बोधन में । राजनेता वही होता है जो जन जन के मन को पकड़ने में दक्ष हो । मोदी का नेपाल को सम्बोधन नेपाली भाषा से करना उनकी दक्षता को साबित करता है । आपने नेपाली भूमि का नमन किया और हर्ष जताया कि उन्हें सोमनाथ, काशी विश्वनाथ के पश्चात् पशुपति नाथ के चरणों में शीश नमन करने का अवसर प्राप्त हुआ । सबसे अधिक जोर उन्होंने संविधान निर्माण पर दिया । उन्होंने आशा जताई कि नेपाल विश्व के समक्ष एक उदाहरणीय और अनुकरणीय रूप में प्रस्तुत हो सकता है क्योंकि जिसतरह ऋषि मुनियों ने समय समय पर वेदों और संहिताओं का निर्माण किया और जिस पर आज तक हमारी संस्कृति टिकी हुई है, ठीक उसी तरह नेपाल के जनप्रतिनिधियों के ऊपर संविधान निर्माण की जिम्मेदारी है । जिसका निर्माण उन्हें विश्व के समक्ष एक उदाहरण के रूप में प्रस्तुत करेगा लेकिन उन्होंने कहा कि संविधान निर्माण हेतु ऋषि मन की आवश्यकता है । जो बिना किसी स्वार्थ और दूरदर्शिता के इस काम को कर सके । ऋषि मन वह है जो आज ही नहीं कल को देखता है और नेपाल के सांसद को वत्र्तमान के दवाब में नहीं बल्कि भविष्य का ख्याल करके संविधान निर्माण करना होगा । उन्हें देखना होगा कि सौ वर्षों बाद का नेपाल कैसा होगा । उनमें यह दूरदर्शिता होनी चाहिए । उन्होंने कहा कि नेपाल वह देश है. जो विश्व को यह संदेश दे सकता है कि शस्त्र नहीं शास्त्र के सहारे दुनिया बदली जा सकती है । आपका संसद इस बात का गवाह है कि बुलेट को छोड़ बैलेट को महत्व दिया गया है । आज विश्व को इसी बात की आवश्यकता है । नेपाल विश्व में हिंसा करने वालों को सदेंश दे सकता है । संविधान जन आकांक्षाओं की पूर्ति के लिए हो । संविधान विवादों से संवादों क ीओर ले जाने का माध्यम होता है । आप इसमें सभी पुष्पों को शामिल करें ताकि सभी को अपनी महक मिल सके । नेपाल एक सार्वभौम सत्ता है जिसे विकास की राह स्वयं बनानी है ।
उन्होंने विश्वास दिलाया कि भारत कभी आपके काम में दखल नहीं देना चाहता बल्कि आप जो दिशा चुनेंगे अगर उसमें हमारी कोई आवश्यकता है तो हम आपका साथ देंगे । नेपाल एक सार्वभौम राष्ट्र है और हमारी इच्छा है कि वह हिमालय की ऊँचाई प्राप्त करे । हिमालय और गंगा जैसी प्राचीन मित्रता है हमारी जो हमेशा कायम रहे भारत यह चाहता है ।
पानी और बिजली के सवाल पर उन्होंने कि हम आपका पानी या उर्जा लेना नहीं चाहते बल्कि खरीदना चाहते हैं । एक अच्छी बात उन्होंने कही कि पानी और जवानी कभी पहाड़ पर टिकती नहीं है । पानी बह जाता है और जवानी रोजगार के लिए पहाड़ छोड़ देती ही । एक वाक्य में हमारे युवा पलायन को उन्होंने दर्शा दिया लेकिन उन्होंने इस बात पर बल दिया कि नेपाल के पास संसाधनों की कमी हीं है उसका आप उपयोग करें इससे आपके यवाओं को रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे । निर्णय आपका है आप अपने कुशल नेतृत्व का परिचय दें विकास अवश्य होगा । नेपाल हर्बल मेडीसीन को बढावा दे सकता है क्योंकि हिमालय आपके पास है, पयंटन कीप् असीम क्षमता आपके पास है । इसे बढाऐं और आगे बढ़ें । उन्होंने एक हिट फार्मुला रखा । एच यानि हाइवेज, आइ यानि आइवेज(इन्फोर्मेशन) और टी यानि ट्रांसमिशन लाइन ये तीन नेपाल का आज ही नहीं कल भी संवार सकता है । हम महाकाली पर ब्रिज बनाना चाहते हैं जो हमारी दूरियाँ दूर करे । नेपाल आर्गेनिक क्षेत्र में आगे बढ़े हम साथ देंगे । कृषि के लिए जो हमने भारत में कोशश की है वह आप भी करें । सार्क देश को गरीबी के खिलाफ मिलकर आगे बढना होगा । स्पेस टेक्नोलोज ीऔर स्पेस सेटेलाइट का लाभ आपको मिले भारत यह चाहता है । आप चैन से होंगे तो हमें भी चैन मिलेगा । नेपाल भारत की प्राथमिकता में शामिल है । पंचेश्वर परियोजना एक वर्ष के भीतर आपको पाँचहजार ५ः सौ मेगावाट की पूर्ति करेगा । आज हम आपकी बिजली की समस्या दूर करेंगे पर हमारा दावा है कि कल नेपाल स्वयं भारत को प्रकाश देगा । बुद्ध ने अपने विचारों से प्रकाश दिया था आज भी नेपाल उसका संवाहक है । छात्रवृत्ति में संख्या बढाई जाएगी और उन्होंने १० हजार करोड़ नेपाली रु.देने की घोषण की जिसे नेपाल अपनी प्राथमिकता के हिसाब से खर्च कर सकता है ।
उन्होंने संसद से यह कहते हुए विदा लिया कि अब १७ वर्षों का अंतराल नहीं आएगा मैं फिर आ रहा हूँ और उस बार माँ जानकी और बुद्ध के दर्शन के लिए अवश्य जाऊँगा ।

loading...

Leave a Reply

Be the First to Comment!

Notify of
avatar
wpDiscuz