मोर्चा ने शीर्ष नेताओं का शवयात्रा निकालकर किया अन्तिम संस्कार

सतेन्द्र कुमार मिश्र, कपिलबस्तु, ५ दिसम्बर,

संयुक्त लोकतान्त्रिक मधेशी मोर्चा ने आज कपिलबस्तु के कृष्णनगर में प्रधानमन्त्री केपी शर्मा ओली, पूर्व प्र.म.शुशील कोईराला एवं पुष्प कमल दाहाल प्रचण्ड का शव यात्रा निकाल कर अन्तिम संस्कार किया है ।
saw yatra 5 dec.मधेशी मोर्चा द्वारा सर्लाही के नवलपुर में आयोजित आमसभा में पुलिस के दमनाकारी रवैये से एक महिला नेतृ को शहीद होने के साथ ही २८ आन्दोलनकारी घायल हुए थे, जिसके विरोध में आज तीन राजनीतिक दल के शीर्ष नेताओं का बैण्ड बाजे के साथ शव यात्रा निकाला गया । मधेशी का मांग पूरा कर, प्रचण्ड मूर्दाबाद, केपी ओली मुर्दाबाद, शुशील कोईराला मुर्दाबाद, राम नाम सत्य है लगायत के नारे की गूंजो के साथ शव को नगर परिक्रमा कराते हुए कृष्णनगर भन्सार पर लेजाकर आग के हवाले किया गया । शव यात्रा में हजारों की तादात में लोग मौजूद थे । भन्सार पर पहुंचने के बाद हिन्दू रीतीरिवाज के मुताबिक नेताओं का अन्तिम संस्कार किया गया था ।
भन्सार पर पहुंचने के बाद नुक्कड सभा करते हुए गंगेश तिवारी ने कहा कि,“ए निकम्मी सरकार हम मधेशियों के द्वारा की गयी नाकाबन्दी को भारत सरकार की अघोषित नाकाबन्दी का नाम दे रही है । इसलिए मैं मित्र राष्ट्र भारत से यह निवेदन करता हुं कि यह इस अघोषित नाकाबन्दी को घोषित बना दे । साथ ही जिस तरह अपनी रँजनीती की रोटी सेक रहे इन शीर्ष दल के नेताओं को यहां शान्ति नही मिली उसी तरह इनके आत्मा को भी कभी शान्ति न मिले ।”
वक्तब्य के दौरान तमलोपा सदस्य मंगल गुप्ता ने बताया कि,“जब १९०० हथियारधारी माओबादियों से यह निकम्मी और हिजडी सरकार नही निपट पायी तो हम मधेशी अगर अहिंसात्मक आन्दोलन छोडकर हथियार उठानेपर आ गए तो इन्हे धूल चटाने में तनिक भी देर नही लगेगी । अगर पुलिस प्रसाशन और सरकार अपना दमनाकारी रवैया छोडकर मधेशीयों का मांग सम्बोधन नही करेगी तो हम मधेशी हथियार उठाने के लिए भी तैयार है ।”
saw yatra 5 dec..jpg3सद्भावना पार्टी के केन्द्रिय सदस्य रविदत्त मिश्र जोकि राजगुरु के नाम से प्रख्यात हैं । उन्होने अपने अतीत को दर्शाते हुए कहा कि,“अगर खसबादी मानसिकता से ग्रसित सरकार ने जल्द से जल्द हमारे मांगो को सम्बोधित नही किया और अपने इस दमनाकारी रवैये को बदलकर निर्दोष और निहत्थे आन्दोलनकारीयों के उपर गोलियां बरसाना बन्द नही किया तो मजबूरन हथियार उठाना पडेगा । जिसका अन्जाम बहुत ही भयावह होगा । आजादी कुर्बानी मांगती है और हम कुर्बानी देने से कतएव नही डरेंगे ।”
सम्बोधन के अन्तिम चरण में तराई मधेश लोकतान्त्रिक पार्टी के केन्द्रिय सदस्य एवं पूर्व मन्त्री ईश्वर दयाल मिश्र (बिरेन्द्र मिश्र) ने शव यात्रा का वजह बताते हुए शहादत प्राप्त हुए लोगों के आत्मा के चीर शान्ति तथा घायल लोगों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ का कामना किया तत्पश्चात् उन्होने कहा कि,“कृष्णनगर के ब्यापारी तथा यातायात ब्यासायियों के आग्रह पर कुछ दिन पश्चात नाकाबन्दी तथा बन्दी खोल दिया गया था । पर आज की स्थिति में कृष्णनगर बीरगन्ज नाका का भी बाप बन गया है । यहां पर प्रतिदिन दो सौ से भी अधिक गाडियां निकलने लगी है । इसलिए यहांपर भी बीरगंज के मीतेरी पुल के जैसे ही नाकाबन्दी की आवश्यकता है । देश के कई हिस्से से लोग आकर यहां कालाबजारी को अन्जाम दे रहे हैं जिसमें पैसे के लालच में पडकर यहां के कुछ स्थानीय जनता तथा ब्यापारी भी साथ दे रहे हैं ।” कालाबजारी करने वालों को चेतावनी देते हुए मिश्र ने बाहर से आए ब्यापारियों को अपने रवैये से बाज आने की बात कहते हुए इस बात को अब मधेशी मोर्चा के द्वारा हरगिज बर्दाश्त न किए जाने की बात भी कही । साथ ही उन्होने बताया कि अब किसी नेता या ब्यक्ति बिशेष के पीछे हटने से यह आन्दोलन नही रुकेगा क्योंकि पूरी मधेशी जनता जागरुक हो चुकी है । बन्दी के सन्दर्भ ने उन्होने बताया कि आज बैठक के बाद बन्दी का स्वरुप तय किया जाएगा ।
saw yatra 5 dec.4आज के शवयात्रा में तमलोपा केन्द्रिय सदस्य र्इश्वर दयाल मिश्र, सद्भावना केन्द्रिय सदस्य रवि दत्त मिश्र, तमलोपा सदस्य मंगल गुप्ता, समाज सेवी दिपक शुक्ला, राम प्रकाश चौधरी, राज कुमार चौधरी, जितेन्द्र उपाध्याय, गंगेश तिवारी लगायत मोर्चा कार्यकर्ताओं के साथ ही हजारों के तादात में लोग उपस्थित थे ।saw yatra 5 dec..jpg2

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