मौजूदा हालात में चुनाव होना मुमकिन ही नहीं नामुमकिन है : रानी शर्मा तिवारी

रानी शर्मा तिवारी तराई,–मधेश सद्भावना पार्टी नेपाल की उपाध्यक्ष हैं

रानी शर्मा तिवारी तराई,–मधेश सद्भावना पार्टी नेपाल की उपाध्यक्ष हैं

रानी शर्मा तिवारी, काठमांडू , १० फरवरी | मौजूदा संविधान संशोधन विधेयक में परिमार्जन की आवश्यकता है । खासकर प्रतिनिधित्व, नागरिकता की प्राप्ति तथा सीमांकन संबंधित मुद्दों में हमारी असंतुष्टि रही है । पंजीकृत संविधान संशोधन विधेयक में राज्य सभा में जनसंख्या के आधार पर प्रतिनिधित्व की व्यवस्था स्पष्ट नहीं हो पायी है । सीमांकन संबंधित व्यवस्था भी अवैज्ञानिक व अव्यावहारिक ढंग से प्रस्तुत किया गया है । इसी प्रकार बंशज व अंगीकृत नागरिकता की प्राप्ति संबंधित जो व्यवस्था अंतरिम संविधान में थी, वैसी व्यवस्था मौजूदा संविधान में नहीं है । गौरतलव है कि मौजूदा संविधान के तहत अंगीकृत नागरिकता प्राप्त नेपाली महिलाओं को देश की शासन सत्ता व अन्य महत्वपूर्ण निकायों में भागीदारी करने से वंचित किया गया है । इसलिए इसमें भी परिमार्जन की आवश्यकता है ।
जहाँ तक सवाल है, मौजूदा संशोधन विधेयक पास होने का, तो मैं विश्वस्त हूँ कि यह विधेयक पास होगा और हर हालत में सियासी पार्टियों को पास करना ही पड़ेगा । अब रहा सवाल चुनाव करने व करवाने का, तो मेरे ख्याल से देश में चुनाव होना आवश्यक है । क्योंकि चुनाव लोकतन्त्र की रीढ़ है । लेकिन मौजूदा हालात में चुनाव होना मुमकिन ही नहीं नामुकिन है । क्योंकि तब तक चुनाव होना नामुकिन है, जब तक मधेशी व जनजाति पार्टियों की मांगें पूरी नहीं हो जाती ।
(रानी शर्मा तिवारी तराई,–मधेश सद्भावना पार्टी नेपाल की उपाध्यक्ष हैं ।)
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