याददाश्त बढाना है तो नाक से लें गहरी साँसें


हिमालिनी डेस्क
काठमांडू, १३ जुलाई ।
गहरी सांस लेने से तनाव कम होता है, ऐसा आपने पहले भी कई बार सुना और पढ़ा होगा । पर हालिया अध्ययन में यह खुलासा किया गया है कि इससे दिमागी ताकत बढ़ती है और याददाश्त मजबूत होती है । यह अध्ययन नाँर्थवेस्ट यूनिवर्सिटी में किया गया है ।

शोधकर्ताओं के अनुसार कोई व्यक्ति चाहे जितना भी गुस्से में क्यों न हो, वह गहरी सांस लेकर अपने गुस्से को सामान्य कर सकता है । लेकिन, मुंह से ली गई गहरी सांस पर यह बात लागू नहीं होती । शोधकर्ताओं का कहना है कि गहरी सांस का असर इस बात पर निर्भर करता है कि आप सांस मुंह से ले रहे हैं या नाक से ।

नाँथवेस्ट यूनिवर्सिटी फीनबर्ग स्कूल अ‘ाफ मेडिसिन के न्यूरोलाँजी प्रोफेसर क्रिस्टीना जेलानो ने बताया कि नाक से सांस लेने पर दिमाग जिस तरह प्रतिक्रिया देता है, मुंह से सांस लेने पर वैसे नहीं करता ।

यही वजह है कि मेडिटेशन करने वाले लोगों की याददाश्त अच्छी होती है । क्योंकि मेडिटेशन के दौरान लोग गहरी सांस लेते और छोड़ते हैं, जिससे उनके ब्रेन में सकारात्मक बदलाव होते हैं ।

सांस और हमारी मानसिक स्थिित में गहरा संबंध है । हमारे सांस लेने के तरीके से यह भी पता चल जाता है कि हम किस मानसिक स्थिति में हैं । जब हम परेशान होते हैं तो सांसे तेज चलने लगती हैं, वहीं जब ज्यादा उत्साहित होते हैं, तब भी सांसे तेज चलती हैं ।एजेन्सी

Loading...

Leave a Reply

Be the First to Comment!

Notify of
avatar
wpDiscuz