यही ओली ! सरकार है।- गंगेशकुमार मिश्र

यही ओली ! सरकार है।

अपनी कमी छुपाने को,
राष्ट्रीयता का ढोंग रचाने को,
बस एक ही उल्लू काफ़ी है;
सबको उल्लू बनाने को।
सोचने पर मज़बूर,
हो जाना पड़ता है;
ये कौन सी जगह है,
जहाँ,
दरार ही दरार है।
अपनी ही पीठ,
थपथपाती सरकार है।
लँगड़ा संविधान है,
गणतन्त्र बिमार है।
सब कुछ समेट कर,
एक कटोरे में;
काला बाज़ारी का,
फलता-फूलता,
करोबार है।
दक्षिण से खुन्नस,
उत्तर से प्यार है ?
क्या कहें भैया,
यही ओली ! सरकार है।

(गंगेशकुमार मिश्र) ,कपिलबस्तु,१ अप्रिल |

loading...