योगी के मुख्यमंत्री बनते ही मेरठ में कत्लगाह में बंद हुआ पशुओं का कत्ल

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*मधुरेश प्रियदर्शी की रिपोर्ट*

*मेरठ {यूपी}*~ देश के सबसे बड़े राज्य यूपी में भाजपा की सरकार बनते ही पशु हत्या बंद हो गयी है। इसके बंद होने से कमेलों में खून का बहना भी बंद हो गया है।

शनिवार, रविवार और सोमवार को मेरठ के कमेलों में पशुओं का कटान नहीं हो सका। मांस की कंपनियों के बाहर पुलिस का पहरा रहा। शहर में मांस की आपूर्ति नहीं हो सकी।

योगी अदित्यनाथ का असर सत्ता संभालने के पहले ही दिन से दिखाई देने लगा। जिसको लेकर जहां मांस कारोबारियों में नाराजगी है वहीं देशभक्तों में हर्ष की लहर है।

चुनावी घोषणा पत्र में भाजपा ने उप्र से कमेले बंद कराने की बात कही थी। जिसपर असर शनिवार को दिन निकलते ही दिखने को मिला। जो पुलिस हिंदु संगठन कार्यकर्ताओं के विरोध प्रदर्शन के बाद भी कमेले बंद कराने और गौ हत्या करने वालों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करती थी। वही पुलिस शनिवार को हापुड़ रोड स्थित मांस की कंपनी यानी कमेलों के आसपास मंडराती नजर आयी। जिसके कारण हापुड़ रोड स्थित कमेलों में न तो कोई पशु पहुंचा और न ही पशुओं का कटान हो सका।

जिन कमेलों की नालियों में खून बहता था वह सूख गई। उप्र के मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी के शपथ लेते ही पशु हत्यारों के होश उड़ने शुरू हो गए।

शहर की जनता के लिए मांस की आपूर्ति के 300 से अधिक दुकानें हैं। नगर निगम ने मांस बेचने के लाइसेंस भी दिए हुए हैं। हालांकि लाइसेंस से अधिक दुकानों पर मांस की बिक्री होती है।

शनिवार को मेरठ के मुस्लिम बाहुल्य जाकिर कालोनी, रशीद नगर, इस्लामाबाद, लिसाड़ी रोड, हापुड़ रोड आदि क्षेत्रों में इन दुकानों पर मांस नहीं दिखाई दिया। अधिकतर मांस विक्रेता हाथ पर हाथ रखे बैठे रहे। कुछ दुकानों के शटर ही नहीं खुले।

दुकानदार शाहिद कुरैशी ने बातचीत में बताया कि उप्र में योगी सरकार ने पशुओं के कटान को बंद करने का आदेश जारी कर दिया है। इसलिए कमेलों में कोई पशु कटान नहीं हो सका है। इससे उनकी रोजी रोटी प्रभावित हो रही है।

दो कंपनियों के कमेलों से होती थी शहर में मांस आपूर्ति । घोसीपुर में नगर निगम का कमेला बंद होने के कारण महानगर में मांस की आपूर्ति के लिए हापुड़ रोड स्थित मांस की कंपनियों के कमेलों में पशुओं का कटान हो रहा था। शहर में प्रतिदिन 250 से 300 पशुओं के मांस की खपत बतायी जाती रही है। वह अलग बात है कि शहर में मांस आपूर्ति की आड़ में प्रतिदिन कई हजार पशुओं का कटान होता रहा है।

जिन कंपनियों के कमेलों में काटने के लिए प्रतिदिन सैंकड़ों पशुओं का लाया जाता था वहां शनिवार को सबकुछ बदला बदला नजर आया। यानी न तो गाड़ियों में लादकर पशुओं को लाया गया। और न हीं पशुओं का कटान हुआ।
कमेलों में पशु कटान के चलते पशुओं की चोरी की घटनाएं आम होती रही हैं। पशु चोरी करके रातोंरात पशुओं का कटान हो जाता था। लेकिन अब पशु हत्या पर प्रतिबंध लगेगा। वहीं पशु चोरी की घटनाएं भी नहीं होंगी। इतना ही नहीं गौवंश हत्या पूरी तरह बंद हो जाएंगी।
पशुओं का कटान कमेलों में ही नहीं बल्कि गली मोहल्लों में भी होता है। इसके विरोध में हिंदु संगठन ही नहीं बल्कि कुछ मुस्लिम भी विरोध जता चुके हैं। गौ हत्या का विरोध करने पर एक मुस्लिम युवक को पिछले दिनों जान से भी हाथ धोना पड़ा था। महानगर के मुस्लिम बाहुल्य इलाकों में नाले, सड़क पर ही पशुओं का कटान होता रहा है। पुलिस के संरक्षण में यह कारोबार पूरी तरह फलता फूलता रहा है। सूबे में आदित्यनाथ योगी के नेतृत्व में प्रचंड बहुमत के साथ भाजपा की सरकार बनते ही अब पशु हत्या से लेकर विधि-व्यवस्था तक के क्षेत्र में परिवर्तन स्पष्ट तौर पर दिख रहा है।

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