रक्सौल रेलवे से नेपाली भूमि का अतिक्रमण हटाने के नाम पर महज खानापूर्ति

बीरगंज, सावन २। बीरगंज से सटे रक्सौल स्टेशन पर १२ बीघा नेपाली भूमि है, जिसे नेपाली माल-सामान उतारने के लिए रखा गया था, जिसे रक्सौल के स्थानीय लोगो द्वारा अतिक्रमित कर लिया गया था। गौरतलब है कि इसी स्टेशन पर नेपाल भेजने के लिए कोयला उतरता है, जिससे उड़ने वाले गर्द के खिलाफ स्थानीय लोग बारम्बार प्रदर्शन करते आए है, नतीजतन अब ज्यादातर कोयला रक्सौल से एक स्टेशन पहले रामगढ़वा में उतार कर ट्रक से मांगाना पड़ता है, जिससे दुवानी खर्च बढ़ जाता है। इस नेपाली जमीन को खाली कराने के लिए बीरगंज उधोग बाणिज्य संघ लगातार आवाज उठाता रहा है। उक्त जमीन के साथ-साथ पूर्व मध्य रेलवे अंतर्गत रक्सौल रेलवे की अन्य खाली भूमि को भी अतिक्रमित करने का काम धड़ल्ले चल रहा है। स्टेशन रोड में अनेकों दुकाने व मठ मन्दिर कायम हो गए है। मेन रोड में आधा दर्जन दुकाने संचालित हैं।
इसी क्रम में शनिवार की दोपहर रामजी चौक के पास रेलवे ने एक करवाई में अतिक्रमण हटाने का पहल हुआ। इसमे आधा दर्जन दुकाने हटाई गई, जो फूटपाथ से झोपडी नुमा बन गयी थी। यह करवाई बैंक रोड के राकेश कुमार के आवेदन पर हुई। यह शिकायत डीआरएम कार्यालय समस्तीपुर की गई थी। वहीं,इस क्रम में बताया गया कि स्टेशन रोड में स्थानीय व्यापारी पवन कुमार केशान के द्वारा अपने मकान का द्वार रेलवे परिसर में खोल रखा था। इस रेल परिसर में वे रेलवे रोड से अपने मकान तक अवैध सड़क का निर्माण करा रहे थे। जिसे स्थानीय आइओडब्लू तपस राय के नेतृत्व में रोकते हुए चेतावनी दी गई। मौके पर आरपीएफ के अधिकारी एल साहू समेत अन्य मौजूद रहे।  गौरतलब है कि एक व्यक्ति के आवेदन पर कार्यवाई तो की गई, मगर लम्बे समय से नेपाली जमीन को ख़ाली कराने की मांग पर खानापूर्ति ही कि गई, इस भेदभाव पूर्ण कार्रवाई की चर्चा जोरों पर है। क्योंकि,अभी भी रामजी चौक के इर्द समेत मेन रोड में दुकाने यथावत है। जिससे अवैध रूप से लाखो रुपये वसूल होती रही है। ये दो मुल्को के ब्यापरिक हितों की अनदेखी है।
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