राजदूत उपाध्याय सिद्धार्त गौतम का सद्भाव लेकर जारहें हैं

upadhyaकविता दास , काठमाण्डू ,अप्रील १० । चार साल बाद भारत के लिए नेपाली कांग्रेस के नेता दीपकुमार उपाध्याय को राजदूत नियुक्त किया गया है । राष्ट्रपति रामबरन यादव व्दारा मत्रीपरिषद से किये गये सिफारिस अनुसार उपाध्याय को यह पद का कारभार सोपा गया है। लम्बे समय से यह पद खली ही था। उपाध्याय लम्बे समय से नेपाली कांग्रेस में अपना राजनिति करचुके है और एक सफल ब्यक्ति भी है ।

शुक्रबार राजदूत उपाध्याय अपना नयाँ जिमेवारी सम्हालने केलिए भारत को प्रस्थान करंगे । वह भारत के साथ साथ भूटान का भी काम सम्हालेंगे । वे नेपाल और भारत के बीच कूटनीतिक और राजनीति संबंध को एक नयाँ उचाई तक ले जाना चाहते है।

राजदूत उपाध्य तत्काल कार्यबिभाजन करके जो जरुरी काम है उसे पूरा फोकस करके काम को आगे बढ़ाना चाहते । वह नेपाल और भारत के सुमधुर सम्बन्ध को कायम करके उसे और उचाइ पे ले जाना चाहते हैं । वे भारत से साथ तत्काल सीमा क्षेत्र के काम को अन्तिम रूप देना , बिधुत प्रसारण लाइन को समय से सम्पन्न करना और जलबिदूत में लगानी के रास्ता खोलना यह सब काम को प्राथमिकता देना चाहते है। वैसे तो नेपाल से ज्यादा भारत के बिहार और उत्तरप्रदेश में लोडशेड्डिंग होता है तब पर भी भारत नेपाल को बिजिली उपलब्ध कराती आई है, जो एक पडोसी के प्रति सद्भाव है। वे सीमा में जो समस्या भोग रहे है आम जनता उसका समाधान करने का पूरा प्रयास करना चाहते है।

राजदूत उपाध्याय एक दल के न होकर पुरा देश का राजदूत हैं और वे यही भाव से काम करना चाहते है। २५ साल पहले जैसे तिलौराकोटेसे सद्भाव लेकर सिद्धार्त गौतम गए थे भारतमे वही सद्भाव लेकर वे जाना चाहते हैं । देखना है राजदूत उपाध्याय अपने मिशन मे कितना सफल हो पाते हैं ? हमारी ओर से राजदूत उपाध्याय को हार्दिक शुभकामना ।

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