राजनीति में आरक्षण की व्यवस्था हो : सरवत आरा खानम

Sarwat Aara Khanam

सरवत आरा खानम, सांसद, व्यवस्थापिका संसद

मुस्लिम महिलाओं की अनेक समस्याएं हैं । लोकतन्त्र के पश्चात् तो इन समस्याओं ने नये आयाम धारण कर लिए हैं । खासकर आर्थिक, राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्रों में पिछड़ी हुई हैं । हिन्दू समाज जैसे ही मुस्लिम समाज भी पुरुष प्रधान समाज है, तो स्वाभाविक है कि महिला–पुरुषों के अधीन होती है । शैक्षणिक क्षेत्र में भी मुस्लिम महिला बहुत पीछे हैं । इसकी खास वजह है– गरीबी और धार्मिक मूल्य और मान्यताएं । मुस्लिम लड़कियां बड़ी होने के बाद मदरसे में पढ़ाई करती है । प्रारंभिक पढ़ाई के बाद वह घर बैठ जाती है । जेनरल पढ़ाई नहीं कर पाती है । क्योंकि इस्लाम धर्म के अनुसार मुसलिम लड़कियों को अन्य लड़को के साथ पढ़ना वर्जित है ।
शिक्षा की कमी तथा पुरुष पर आश्रित होने की वजह से राजनीति में भी पीछे हैं । खासकर पुरुष महिला को घर से बाहर नहीं जाने दिया जाता है । इसी प्रकार महिलाओं को रोजगार करने से भी वंचित किया गया है । हालांकि अभी ग्रामीण व नगरीय महिलाएं रोजगार से जुड़ी हुई हैं । वैसे नेपाल के परिवेश में सवाल उठाया जाता है कि इस्लाम धर्म ही महिलाओं का बाधक है । लेकिन वैसा नहीं है । मेरे ख्याल से धर्म बाधक नहीं, बल्कि मुस्लिम समाज ही बाधक रहा है । इस्लाम धर्म में लिखा है कि ‘इल्म’ हासिल करो, लेकिन परदे या बुरके लगाकर । अर्थात् अपनी पोशाक में रहकर काम करो । लेकिन पुरुष अपनी औरत को बाहर नहीं निकलने देता है । इसलिए मैं कहना चाहूंगी कि मुस्लिम महिलाओं को चुहंमुखी उत्थान व विकास हेतु कन्या स्कूल की व्यवस्था, राजनीति में आरक्षण की व्यवस्था, उच्च शिक्षा हेतु छात्रवृत्ति की व्यवस्था एवं मुस्लिम बहुलता क्षेत्रों में रोजगारी की व्यवस्था शीघ्रताशीघ्र की जाए ।

इसे भी पढ़ें ….

मुस्लिम महिलाएँ क्यों पिछड़ी हुई है ? क्या हो सकता है इसका समाधान ?

Tagged with

Leave a Reply

Be the First to Comment!

Notify of
avatar
wpDiscuz