राजनीति में पूंजीवाद-वंशवाद के घोर विरोधी थे पूर्व सांसद के एम मधुकर

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*मोतिहारी.मधुरेश*- 28, नवम्बर । भारतीय राज्य बिहार में मोतिहारी के पूर्व सांसद कमला मिश्र मधुकर पूंजीवाद के साथ ही राजनीति में वंशवाद के घोर विरोधी थे। वे चंपारण एवं बिहार के पैमाने पर गरीबों के सबसे बड़े हितैषी एवं जन आंदोलनों के झंडाबरदार थे। सीपीआई के बैनर तले जन आंदोलनों के बल पर उन्होंने चंपारण के सुदूरवर्ती गांव मेदन सिरसिया से केसरिया एवं मोतिहारी के रास्ते देश की राजधानी दिल्ली स्थित लोकसभा तक का सफर तय किया। वैसे लोकप्रिय जन नेता एवं चार-चार बार सांसद रहे स्व.मधुकर की 89 वीं जयंती कल्ह उनके पैतृक गांव मेदन सिरसिया में समारोह पूर्वक मनायी गयी। जयंती समारोह का उद्घाटन पूर्व सांसद की पत्नी श्रीमति कामना मिश्रा एवं स्थानीय विधायक डा.राजेश कुमार ने उनके तैल्य चित्र पर माल्यार्पण करके किया। समारोह को संबोधित करते हुए विधायक डा.राजेश कुमार ने कहा कि पूर्व सांसद मधुकर जी गरीबों के सच्चे हितैषी थे। मधुकर जी धून के पक्के थे उन्होंने राजनीति में कभी भी सिद्धांतों से समझौता नहीं किया। पूर्व सांसद की कार्यशैली पर प्रकाश डालते हुए विधायक ने कहा कि मधुकर जी ने सबका ख्याल रखा और सबकी सेवा की। उनके मन में कभी भी पक्ष-विपक्ष का भाव नहीं रहा। वहीं मधुकर जी को याद करते हुए सीपीआई नेत्री व पूर्व सांसद की पुत्री शालिनी मिश्रा ने कहा कि बाबूजी ने जनसेवा का जो मंत्र दिया था उसी के बदौलत वे आज सामाजिक-राजनैतिक क्षेत्र में सक्रिय हैं। उन्होंने अपने पिता व चार बार सांसद रहे कमला मिश्र मधुकर के अधुरे सपने को साकार करने का संकल्प व्यक्त किया। जयंती समारोह की अध्यक्षता पूर्व सांसद के सहयोगी रहे उनके ग्रामीण कमला मिश्र ने की। जबकि मंच संचालन पूर्व सांसद के निजी सचिव रहे शैलेश चंद्रा ने किया। आगत अतिथियों का स्वागत पूर्व सांसद के परिजनों ने किया। मौके पर सीपीआई नेता कौशल किशोर सिंह, हरेन्द्र त्रिपाठी, मुखिया बख्तियार अली, सुदिष्ट नारायण सिंह, सुभाष मिश्र, नसरुल्लाह अंसारी, सुरेन्द्र मिश्र, मजहर आलम, भाजपा नेता रामेश्वर चौधुर, ब्रजकिशोर मिश्र एवं ओमप्रकाश गिरि समेत सैकड़ों लोग उपस्थित थे।

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