राजपा घोषणापत्र सार्वजनिकः नेपाल को बहुराष्ट्रीय राज्य के रुप में परिभाषित

महोत्तरी, २३ नवम्बर । राष्ट्रीय जनता पार्टी (राजपा) ने चुनावी घोषणापत्र सार्वजनिक किया है । महोत्तरी के जलेश्वर में बिहीबार आयोजित कार्यक्रम में राजपा के शीर्ष नेताओं ने घोषणापत्र सार्वजनिक किया गया है । सार्वजनिक घोषणापत्र में नेपाल को ‘बहुराष्ट्रीय’ राज्य के रुप में व्याख्या किया है । घोषणपत्र की प्रस्तावना में ही नेपालको बहुराष्ट्रीय राज्य के रुप में विश्लेषण किया गया है ।


प्रस्तावना में कहा गया है– ‘नेपाल के उच्च हिमाली क्षेत्र में रहनेवाले समुदाय और चीन के स्वशासित प्रदेश तिब्बत में रहनेवाले समुदाय के बीच समान संस्कृति, भाषा, व्यवहार और सामीप्यता है । उन लोगों की राष्ट्र एक ही है, लेकिन देश अलग है । इसीतरह भारत के दार्जिलिङ, सिक्किम, आसाम आदि शहरों में रहनेवाले खस भाषाभाषी हो अथवा नेपाल में रहनेवाले खस भाषाभाषी, उन लोगों के बीच संस्कृति, विचार और व्यवहार समान पाया जाता है । इन लोगों का भी राष्ट्र एक ही है लेकिन देश अलग है ।’ प्रस्तावना में आगे कहा गया है– नेपाल की दक्षिणी सीमा में रहनेवाले मधेसी, थारु, दलित, जनजाति और मुस्लिम शतप्रतिशत नेपाली हैं । लेकिन यह उनकी सामूहिक एक राष्ट्र भी है, जहां निश्चित भूगोल, समान जीवनपद्धति, संस्कृति, सभ्यता एवं मनोविज्ञान है, जो भारत, मरिसस और अन्य देशों में रहनेवाले समुदाय के साथ मिलता–जुलता भी हो सकता है ।’
घोषणापत्र में कहा गया है कि पौराणिक काल से परिचित महर्षि जनक, सीता, गार्गी, याज्ञवल्क्य मैत्रियी एवं शान्तिदूत गौतम बुद्ध भी एक ही राष्ट्र का है । राजपा को कहना है कि जातीय विविधता, भौगोलिक असमानता एवं अन्य असमानता को एक ही राज्य में समाहित करनेवाला शासन व्यवस्था स्थापना करने के लिए चुनौती हो रही है, जिसके लिए नेपाल में लम्बे समय से संघर्ष चल रहा है ।

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