राजपा नेपाल की मौजुदा दिशा, दशा, रणनीति, कार्यनीति और रोडम्याप : डा. सुरेन्द्र कुमार झा

शहिदों को श्रधांजली देते हए रा.ज.पा. अध्यक्ष महंथ ठाकुर

शहिदों को श्रधांजली देते हए रा.ज.पा. अध्यक्ष महंथ ठाकुर

डा. सुरेन्द्र कुमार झा (राजपा नेपाल, नेता) | काठमांडू, ६ मई | एकता अपनें आप में अच्छा शब्द हैं । एकता होने से शक्ति मिलती है । एकीकृत होकर सहकार्य करना जनता के लिए हितकारी होता हैं । जनता की जो भावना होती हैं उस में इजाफा होता हैं । और ये जो एकता हुई है, खास कर ६ मधेशवादी दलों की उस में मधेशी जनता की भावना निहित है साथ ही यह उनके लिए चेतावनी है जो यह समझते हैं कि मधेशीयों में एकता नहीं है । इस मनोविज्ञान का खण्डन है यह एकीकरण । हमने मधेश की भावना का सम्मान किया है क्योंकि उनका हमेशा यह सवाल था कि हम टुकडों में क्यों बँटे हुए हैं ? शहीदों ने जो कुर्वानी दी हैं, लहु लहान होकर अभी तक सौ से ज्यादा मधेशियों ने शहादत दी हैं और अभी तक कोई माँग हमारी पूरी नहीं हुई है । विगत एक दशक से मधेशी आन्दोलनरत हैं तो उन शहीदों की कुर्बानी का सम्मान करते हुये पार्टियों के बीच एकिकरण हुआ हैं । और सबसे बडी बात ये है कि यह शुरुवात हैं क्योंकि हमलोग मधेशी मोर्चा के सात दल थे उस में ६ दल हमलोग एकीकृत हुये हैं । मधेश की एक शक्ति जो संघीय समाजवादी के नेता उपेन्द्र यादव हैं उन को भी इस मे आना है और मै आप के सञ्चार माध्यम से निवेदन करना चाहता हुँ कि ये जो शुरुवात महन्थ ठाकुर जी के नेतृत्व में हुई हैं इस का कम्प्लीशन उपेन्द्र यादव जी को करना हैं । मधेशी जनता भी चाहती है कि उपेन्द्र यादव जी एक ठोस और बडा निर्णय लेंगें और इस अभियान की जिम्मेवारी लेने की हिम्मत भी उपेन्द्र यादव के पास हैं । तो हमलोग पुरा आशावादी हैं कि सारा मधेशवादी शक्ति संसद और संसद से बाहर बाले सभी राजनीतिक शक्तियों को एकीकृत करना हमारा अभियान हैं ।

मोर्चा का अस्तित्व

मोर्चा में सात दल थे, उस सात दलों में से ६ दल की पार्टी बन गयी राजपा नेपाल । बाँकी रह गए १ दल संघीय समाजवादी पार्टी नेपाल जिस के अध्यक्ष संघीय गठबन्धन के संयोजक भी हैं तो मोर्चा का अस्तित्व अभी समाप्त हो गया हैं । इस नाते से देखेंगे तो लेकिन महत्वपूर्ण बात यें हैं कि राजपा नेपाल और संघीय गठबन्धन का जो सहकार्य हंै अभी जारी हैं । इस वजह से मोर्चा नाम के लिए अस्तित्व समाप्त हो गया लेकिन सहकार्य आज भी जारी हैं । जबतक इस देश में विभेद में परें नागरिक मधेशी, आदिवासी, जनजाति, अल्पसंख्यक लगायत तमाम लोगों को विभेद से मुक्ति दिलानें के लिए और नेपाल को समता मुलक समाज निर्माण करनें के लिए जो शक्ति हम से सहकार्य करनें के लिए तयार होगी उन से भी हमलोग सहकार्य करेंगें । लेकिन राजपा नेपाल और संघीय समाजवादी पार्टी का सहकार्य जारी हैं ।

राजपा नेपाल का कोई अधिकारी निर्णय नहीं हुआ हैं

राजपा नेपाल पार्टी ने अभी तक कोर्इ राजनीतिक निर्णय नहीं लिया है। क्योंकि राजपा नेपाल का अभीतक निर्वाचन आयोग में दल दर्ता भी नहीं हुआ हैं । हमारा चुनाव चिन्ह भी नहीं मिला हैं और हमारा लेटर पैड, बोर्ड बगैरह अभीतक कुछ भी नहीं बनाया हैं । अभीतक हमारा एकीकृत पार्टी का कार्यालय भी नहीं निर्माण हुआ हे । इसलिए बारिकी से मैं आप को बता दुँ, अभी राजपा नेपाल पार्टी का कोई भी निर्णय होने की अवस्था ही नहीं हैं । और जो भी निर्णय लिया गया है वो निर्णय तत्कालीन पार्टी का अपनी अपनी पार्टी के कार्यसमिती में लिया गया होगा । लेकिन राजपा नेपाल पार्टी का अभीतक एक भी निर्णय नहीं हुआ हैं ।

बात सुरेश मण्डल जी की नियुक्ति के बारे में है तो मै स्पष्ट कर दुं कि मण्डल तराई मधेश लोकतान्त्रिक पार्टी के सक्रिय नेता हैं और उन की  नियुक्ति तराई मधेश लोकतान्त्रिक पार्टी की तरफ से हुई है । वो पार्टी के सहमहामन्त्री के पद पर जिम्मेदारी निभा रहें हैं ।  राजपा नेपाल की ओर से अभी तक कोइ भी नियुक्ति नहीं हई है ।

मोर्चा के एक घटक संघीय समाजवादी संशोधन बगैर चुनाव क्यों गयें ?

संघीय समाजवादी फोरम नेपाल एक अलग राजनीतिक शक्ति हैं उस पार्टी के बारे में टिप्पणी करना मेरे अधिकार से बाहर का विषय हैं परन्तु आप पूछ दिए इस वजह से बताउmँ कि संघीय समाजवादी राष्ट्रीय पार्टी हैं और अभी तीन प्रदेश मे जो चुनाव हो रहा हैं । उस प्रदेश के जनता कार्यकर्ता और नेता की आबद्धता है और संघीय समाजवादी का ये दायित्व बनता हैं वो मजबूर हैं कि उसे इस निर्वाचन में जाना ही है इस वजह से वो चुनाव में गए हैं इस लिए इस बात को बहुत बडा अनर्गल  रुप मे नहीं लेता हूँ ।

संविधान संशोधन नहीं हुआ तो क्या होगा 

संघीय समाजवादी के अध्यक्ष उपेन्द्र यादव ने भी बारिकी से ये बात कहा है कि जब तक संविधान संशोधन नहीं होगा तबतक हम दूसरे चरण के चुनाव मे भाग नहीं लेंगें । संघीय गठबन्धन का और राजपा नेपाल का सहकार्य जारी है । तो हमारा मुख्य बटमलाईन यह कि जिस के लिए मधेशी जनता विगत क्ई वर्षो से आन्दोलनरत है । जितना भी सम्झौता सरकार से हुआ है वो मैं पुरा होने के कगार पर नहीं देख रहा हूँ । जबतक संविधान संशोधन करके जो एजेण्डा है उस को संबैधानिक ढंग से सम्बोधन नहीं करता है तीन शक्तियाँ तबतक हमलोग निर्वाचन में नहीं जा सकतें हैं । मै आप को स्पष्ट कर दुँ कि दो, चार, दस मेयर पद के लिए शहीदों की शहादत को हम साटने के लिए तैयार नहीं हैं । इस लिए हम तबतक निर्वाचन में भाग नहीं लेंगें, जब तक संविधान संशोधन नहीं हो जाता । अभी जेठ ३१ के लिए दूसरे चरण के चुनाव के लिए जो तिथि तय किया है वो प्रधानमंत्री और सत्तागठबन्धन के नेताओं से राजपा नेपाल और गठबन्धन के नेताओं से कबुलियतनामा किये हैं कि हमलोग संविधान संशोधन करेंगें । अभी चार प्रदेश मे चुनाव नहीं हुआ क्योंकि उन प्रदेशों मे मधेश की भूमि कहीं न कहीं जुडा हुआ है । इसलिए नेपाल सरकार को भी मानना पडेगा कि वहाँ उनकी शक्ति की पहुँच नहीं है जो मधेशी जनता के शामिल बगैर  चुनाव करा लेंगे । आज  विश्व जान गया है कि ४ प्रदेश  मधेश जुडा हुआ हैं और जबतक इस का राजनीतिक समाधान नहीं होता हैं तबतक यहाँ चुनाव नहीं करा सकते हैं ।
स्थानीय तह पुर्नसंरचना का रहस्य
स्थानीय तह पुर्नसंरचना में ताज्जुब की बात ये है कि हमारे देश के प्रधानमंत्री जब हम से मिलते हैं तो हमारे जैसी बात करतें हैं और जब प्रतिपक्षियों से मिलतें है तो उन के जैसी बात करते हैं । उन्होने ११ जिला में सर्कुलर किया था कि स्थानीय तह का संख्या जनसंख्या के आधार में किया जाए । लेकिन दूसरे दिन फिर एक सर्कुलर करके उसे रोका गया । इसलिए जबतक एेसी समस्याओं का समाधान राजनीतिक रुप से नहीं होगा तबतक इस देश का भविष्य अन्धकार में रहेगा और द्वन्द्व की ओर चला जाएगा । राजपा और संघीय समाजवादी ने स्पष्ट कह दिया हैं कि जब तक संविधान संशोधन नहीं होगा, स्थानीय तह की पुर्नसंरचना नहीं होगी, मधेश की भूमि में ५२ फिसदी जनसंख्या हैं और स्थानीय तह के संख्या ३ं२ फिसदी हैं । २६५ मधेश मे ४८० पहाड में स्थानीय तह की संख्या कर दिये जब कि उनसे ज्यादा हमारा जनघनत्व हैं । इसलिए जबतक इन मुद्दों को सम्बोधन नहीं करते है तबतक हम निर्वाचन में नहीं जाएगें और नहीं होने देगें ।

राजपा नेपाल की मौजुदा समय में दिशा और दशा

हमलोग एक हुए बहुत ही अच्छी बात है, बैसाख ७ को एक हुए और १९ को सभी पार्टीयाँे की कार्यसमिति का बैठक होकर कुछ प्राविधिक निर्णय हुआ हैं । एकता होने से मधेश मे सुनहरा सन्देश गया हैं, मधेश मे खुशिया मनायी गयी हैं अब राजपा का दायित्व बढ गया हैं । पहले ६ पार्टी का अपना अपना कार्यनिती था अब सभी को एक ही कार्यनीति पर काम करना हैं इस लिए सब से बडी बात हैं कि एकदूसरे में समाहित होना होगा । हमलोगों को अभी दल दर्ता कराना हैं, दल दर्ता होने के बाद हमें चुनाव चिन्ह मिलेगा तब हमें पार्टी कार्यालय का व्यवस्थापन करना हैं । और इस के बाद अचार संहिता की आवश्यता पडेगी क्योंकि विभिन्न दलों से नेता कार्यकर्ता यहाँ एकत्रित हुये हैं । अभी तत्कालीन पार्टी में जिस पद पर जिस तह मे रहकर कार्य कर रहे थेंवो उसी पद मे रहकर यहाँ भी काम करेंगें । पार्टी मे अचार संहित बनाना जरुरी हैं , राजनीतिक कार्यक्रम तय करना हैं, उस के बाद  एक साल में हमें अधिवेशन कराना हैं तो उस के लिए आधार तय करना होगा, अधिवेशन कहाँ करेंगें किस हिसाब से करेंगें उस के लिए भी समिति बनाना हैं  । साथ ही जितना भी भातृसंगठन हैं विभाग  हैं उनको सक्रिय बनाना पडेगा । जिम्मेदारी बढने के कारण हमलोग जिस हिसाव से आगे बढ रहें है उस मे चुनौती भी है । और मैं आप के संचार माध्यम से निवेदन करना चाहता हुँ कि जो भी राजपा नेपाल में जिस तह से नेतृत्व कर रहें हैं वो अपनी जगह पर लोकतान्त्रिक मूल्य और मान्याता के अनुरुप पार्टी के आचारसंहिता जो बनेगा उस को मानेगें और अनुशासित होकर गाँव, घर मे जाकर सन्देश देंगें कि हम एक हो गयें हैं । तुरन्त करने वाला काम यह है कि जिला जिला में हमारी एकता का संदेश के तहत झण्डोतोलन कार्यक्रम करना हैं ।  तत्कालीन हमारा कार्यक्रम हैं कि मेची महाकाली यात्रा भी करेंगें । और बीच में प्राविधिक बातों को शटआउट भी करना है । तो इस हिसाब से हरेक नेता को उनके क्षमता अनुरुप की जिम्मेवारी देकर जनहित में कार्य करने के लिए  निर्देशन आएगा अध्यक्ष मण्डल से इस हिसाब से हमलोग आगे बढेंगे ।

डा. सुरेन्द्र कुमार झा (राजपा नेपाल, नेता)

डा. सुरेन्द्र कुमार झा (राजपा नेपाल, नेता)

 

अन्त में,

मधेश की जनता जिनके आशिर्वाद और निर्देशन के कारण हम एक हुयए हैं उन तमाम जनता की भावना को शिरोधार्य करते हुए धन्यवाद देना चाहता हूँ, और तमाम शहीदों को श्रद्धा सुमन देना चाहता हूँ । और एक संदेश मैं राजपा नेपाल की ओर से देना चाहता हूँ कि मधेश का जो एजेण्डा हैं जो राजनीतिक मुद्दा हैं उनको समाधान कराए बगैर हम विश्राम नहीं लेगें और समृद्ध मधेश और समृद्ध देश का जो हमारा नारा हैं इस पर हम कटिवद्ध और प्रतिवद्ध होकर  काम करेंगें । जय मधेश ।

प्रस्तुति, विजय यादव

(रा.ज.पा. अध्यक्ष श्री महंथ ठाकुर जी के ७५ जन्मदिवस पर हिमालिनी परिवार हार्दिक शुभकामना व्यक्त करती है | श्वेता दीप्ति , सम्पादक, हिमालिनी  )

 

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