राप्रपा संविधान संशोधन के विपक्ष में

काठमांडू, ४ भाद्र । कमल थापा नेतृत्व में रहे राष्ट्रीय प्रजातन्त्र पार्टी (राप्रपा) के अधिकांश पार्टी सदस्यों ने कहा है कि संविधान संशोधन विधेयक के विरुद्ध में मतदान करना चाहिए । लेकिन इसके संबंध में पार्टी के तरफ से औपचारिक घोषणा होना बांकी है । गत बिहीबार से हटौडा में जारी केन्द्रीय कार्य समिति बैठक में सहभागी वक्ताओं ने पार्टी को सुझाव दिया है कि विकल्प सहित विपक्ष में मतदान करने का निर्णय लेना चाहिए ।
बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए पार्टी अध्यक्ष कमल थापा ने कहा है– ‘पार्टी पदाधिकारियों का सुझाव है कि संविधान संशोधन में विकल्प सहित विपक्ष में मतदान करना चाहिए ।’ थापा को कहना है कि विपक्ष में मतदान करना है या, आशिंक संशोधन में सहमत होना है या संशोधन को पूर्ण रुप से अस्वीकार करना है, इसके संबंध में पार्टी के अंदर विचार–विमर्श हो रहा है । अध्यक्ष थापा का मानना है कि मधेश समस्या समाधान के लिए वर्तमान सरकार गम्भीर नहीं हो रहा है । उन्होंने कहा कि संविधान संशोधन विधेयक सत्ता स्वास्र्थ से प्रेरित होकर संसद में पेश हो किया गया है ।
उक्त अवसर में अध्यक्ष थापा ने यह भी कहा कि पार्टी विभाजन में असमर्थ होने के कारण पशुपति शमशेर राणा सर्वोच्च अदालत पहुँचे हैं । अध्यक्ष थापा का आरोप था कि राणा ने विदेश में रहे पार्टी केन्द्रीय सदस्यों का भी फर्जी हस्ताक्षर किया है । उन्होंने दावा किया– ‘राणा के पक्ष में कभी भी ४० प्रतिशत सदस्य नहीं होंगे ।’

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