रालोसपा का टूटना तय, विक्षुब्ध गुट ने कुशवाहा को हटाकर सांसद प्रो. अरुण को चुना राष्ट्रीयअध्यक्ष

पटना.बिहार{मधुरेश}--पीएम नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली केन्द्र की एनडीए सरकार में शामिल राष्ट्रीय लोक समता पार्टी अब विभाजन के कगार पर पहुंच गयी है। जहानाबाद के सांसद और रालोसपा के प्रदेश अध्यक्ष प्रो.अरुण कुमार को राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेन्द्र कुशवाहा द्वारा पद से हटाये जाने के बाद से ही पार्टी में अन्तर्कलह चल रहा था जो आज आखिरकार सामने आ ही गया।बुधवार को बिहार की राजधानी पटना में आयोजित एक विशेष महाधिवेशन में विक्षुब्ध गुट ने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा को पद से हटाने की घोषणा कर दी। केन्द्रीय मंत्री को पद से हटाने के बाद सर्वसम्मति से जहानाबाद के सांसद प्रो.अरुण कुमार को रालोसपा का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुन लिया गया है। विक्षुब्धों की इस कार्रवाई के बाद पार्टी में विभाजन अब निश्चित दिख रहा है।

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महाधिवेशन के दौरान विक्षुब्ध गुट की ओर से कुशवाहा को पद से हटाने के पीछे उनकी दल विरोधी गतिविधियों को कारण बताया गया है। महाधिवेशन में जहानाबाद के सांसद अरुण कुमार को राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाने का प्रस्ताव पेश किया गया।प्रस्ताव पर चर्चा के बाद इसे स्वीकार कर लिया गया। इसके बाद सबको अब उपेंद्र कुशवाहा के अगले कदम का इंतजार रहेगा।

माना जा रहा है कि विक्षुब्धों को पार्टी से निष्कासित करने की कार्रवाई की जा सकती है। उल्लेखनीय है कि यह पूरा मामला प्रो.अरुण कुमार को प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाए जाने के बाद से चर्चा में है। उपेंद्र कुशवाहा की इस कार्रवाई के बाद से अरुण कुमार के समर्थक लगातार खुद के गुट कोअसली पार्टी होने का दावा करते रहे हैं। उधर कुशवाहा गुट ने संगठन चुनावों का एलान करते हुए सदस्यता अभियान शुरू कर दिया है।विक्षुब्ध गुट के द्वारा महाधिवेशन में लिए गये फैसले ने केन्द्र की मोदी सरकार में मानव संसाधन विकास राज्यमंत्री उपेन्द्र कुशवाहा की मुश्किले बढ़ा दी है।राजनैतिक जानकारों की अगर माने तो आने वाले समय में कुशवाहा की मुश्किलें बढ़ सकती है।

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