राशिफल

प्रस्तुत राशिफल १ जुलाई से ३१ जुलाई तक लागू होगा
लेखकः पं.ज्यो. हरेकृष्ण झा (ज्योतिषाचार्य)
मो. न. ९८४४०७२१९६, काठमांडू
मेषः (चू. चे. चो. ला. ली. लू. ले. लो. अ.) – मेष राशिवालों के लिए यह माह शुभ रहेगा । माह के पूवाद्र्ध में धनप्राप्ति, सुख, कार्य सिद्धि, ज्ञानवृद्धि तथा विजय होते हुए भी शत्रुओं से सावधानी बरतनी होगी । उत्तरार्ध भी सुखद ही रहेगा । परन्तु मानहानि से बचें, आप के लिए ‘ॐ नमः शिवाय’ का जाप लाभकर होगा ।
बृषः (इ. उ. ए. ओ. बा. वि. बु. वे. वो.) – वृष राशिवालों के लिए यह माह कष्टप्रद रहेगा । माह के पूर्वाद्र्ध में भय, कष्ट, शोक, स्त्रीकष्ट होते हुए भी किञ्चित धन प्राप्ति तथा राज्य लाभ होगा । उत्तरार्ध मध्यम रहेगा, जहाँ भय, कष्ट, चिन्ता होगी, वही धनप्राप्ति तथा शिक्षा, व्यपार में आंशिक लाभ होगा । आप के लिए विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ श्रेयकर होगा ।
मिथुनः (क. कि. कु. घ. ङ. छ. के. को. ह) – मिथन राशिवालों के लिए यह माह मध्यम फलदायक रहेगा । माह के पूर्वाद्र्ध में धन प्राप्ति, द्रव्य लाभ, व्यापार में सफलता, ज्ञानवृद्धि होते हुए भी भय, बन्धन तथा शत्रुवृद्धि होगी तथा उत्तरार्ध में शोक, भयहोते हुए भी अन्य पक्ष सामान्य रूप से ठीक ही रहेगा । आपके लिए शिव पूजन तथा दुर्गा सप्तशती का पाठ लाभकर होगा ।
कर्कः (हि. हु. हे. हो. डा. ड़ी. ड़ु. ड़े. ड़ो) – कर्क राशिवालों के लिए यह माह कष्टप्रद रहेगा । माह के पूर्वाद्र्ध में शारीरिक कष्ट, शत्रुभय, हानि, नाश, परेशानी होते हुए भी अभयता तथा किञ्चित धन प्राप्ति होगी तथा उत्तरार्ध मध्यम रहेगा । तसर्थ शत्रुओं से सावधानी बरतनी होगी । आपके लिए हनुमानचालीसा का पाठ लाभकर होगा ।
सिंहः (मा. मि. मु. मे. मो. टा. टि. टु. टे) – सिंह राशिवालों के लिए यह माह सामान्यतया शुभ रहेगा । माह के पुर्वाद्र्ध में धन प्राप्ति, सुख, विजय, नवकार्य प्रारम्भ तथा कार्यसिद्धि होते हुए भी चिन्ता तथा शत्रुवृद्धि होगी । उत्तरार्ध में शारीरिक कष्ट परन्तु अन्य पक्षों में सामान्यतया सफलता ही मिलेगी । आप के लिए दुर्गा सप्तशती का पाठ श्रेयकर है ।
कन्याः (टो. प. पी. पू. ष. ण. ठ. पे. पो.) – कन्या राशिवालों के लिए यह माह शुभ है । माह के पूर्वाद्र्ध में कष्ट तथा शोक होते हुए भी सुख, चौपाया लाभ, कार्यसिद्ध, ज्ञानवृद्धि, सन्तान सुख तथा विजय प्राप्ति होगी । उत्तरार्ध भी सुखदायक ही रहेगा । मानहानि से बचें । हनुमाचालीसा का पाठ लाभकर होगा ।
तुलाः (रा. रि. रु. रे. रो. ता. ती. तु. ते.) – तुला राशिवालो के लिए यह माह कष्टप्रद रहेगा । माह के पूर्वाद्र्ध में धर्महानि, पीड़ा, रोग, हानि, शोक तथापि किञ्चित लाभ होगा । उत्तरार्ध भी मध्यम रहेगा, जहाँ हानि, शोक, पीड़ा होगी, वही लाभ, सुख, धनप्राप्ति, कार्यसिद्धि तथा उन्नति होगी । आप के लिए दुर्गा सप्तशती का पाठ लाभकर होगा ।
वृश्चिकः (तो ना. नि. नु. नो. या. यि. यु) – वृश्चिक राशिवालों के लिए यह माह सामान्यतया शुभ ही रहेगा । माह के पुर्वाद्ध में पीड़ा, कष्ट होते हुए भी धनप्राप्ति, द्रव्यलाभ, सुख, ज्ञान, मान में वृद्धि तथा विजय प्राप्ति होगी तथा उत्तरार्ध में मध्यम धर्महानि, रोग तथापि धनप्राप्ति, सुख प्राप्ति होगी । आप के लिए ‘ॐ नमः शिवाय’ का जाप श्रेयकर होगा ।
धनुः (य. यो. भा. भी. भू. ध. फा. ढ. भे.) – धनु राशिवालों के लिए यह माह सामान्य तथा कष्टप्रद ही रहेगा । माह के पुर्वाद्र्ध में अधिक व्यय, क्लेश, विपत्ति, हानि, शत्रुवृद्धि होते हुए भी भ्रमण तथा उससे सुखानुभूति होगी । तथा उत्तरार्ध भी सामान्य ही रहेगा । तथापि धनलाभ होगा । आप के लिए गणेश स्त्रोत्र का पाठ श्रेयकर रहेगा ।
मकरः (भो. जा. जी. जु. जे. जो. ख. खि. खु. खो. गा. गी) – मकर राशिवालों के लिए यह माह मध्यम फलदायक रहेगा । माह के पूर्वाद्र्ध में प्राप्ति, अधिक खर्च, परेशानी होते हुए भी मान आय में वृद्धि कार्यसिद्धि तथा विजय होगी । उत्तरार्ध में विपत्ति व्याय तथा अपयश परन्तु भ्रमण, आयु ज्ञान में वृद्धि तथा पुत्र सुख मिलेगी । आप के लिए सुन्दरकाण्ड पाठ लाभकर होगा ।
कुम्भः (गु. गे. गो. सा. सी. सु. से. सो. द.) – कुम्भ राशिवालों के लिए यह माह मध्यम फलदायक हैं । माह के पूर्वाद्र्ध में रोग, शोक, शत्रुभय, मनमुटाव तथा किञ्चित धनप्राप्ति होगी । उत्तरार्ध भी कष्टप्रद ही है । तथापि अन्ततः विजय होगी आप के लिए शिव पुजन तथा सूर्य उपासना लाभकर होगा ।
मीनः (दी. दु. थ. झ. ञ. दे. दो. दी. च. ची) – मीन राशिवालों के लिए यह माह मध्यम फलदायक हैं । माह के पूर्वाद्र्ध में मानहानि, धर्महानि, भय होते हुए भी पुत्र सुख, शिक्षा व्यपार, कृषि में आंशिक सफलता तथा उत्तरार्ध में भी मध्यम सफलता मिलेगी तथापि शत्रुओं से सावधानी बरतनी होगी । आप के लिए ‘ॐ वृं वृहस्पतये नम’ का जाप लाभकर होगा ।

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