राष्ट्रकवि माधवप्रसाद घिमिरे का जन्मदिन

काठमांडू, आश्विन ७ ।

नेपाल के राष्ट्रकवि माधावप्रसाद घिमिरे का जन्मदिन मनाया जा रहा है । १९७६ आश्विन में लमजुगं के पुस्तुन गाउँ में पैदा हुए कवि घिमिरे ९७ वर्ष के होगएँ ।

अढाइ वर्ष में ही अपनी माँ की मृत्यु देखने वले कवि का बाल्य काल अपने पिता के साथ गाइ चराने में ही बिता । १२ वर्ष की आयु में उनके पिता ने पठनपाठन के लिए दुराडाँडा भेजा । जहाँ उन्होंने संस्कृत पाठशाला में पढाइ की । उक्त संस्कृत पाठशाला में पढते वक्त ही उनको काठमांडू आना पडा था ।

Madhav-ghimire poet

१९९२ साल में गोरखापत्र में पहली कविता छपाने के बाद उनकी कविता यात्रा शुरु हुइ ।

२००४ साल में अपनी पहली पत्नी की मृत्यु के कवि को तोड के रख दिया । पत्नी वियोग में लिखा गया उनका शोक काव्य गौरी नेपाली साहित्य का अनुमप कृति माना जाता है ।

शोक काव्य लिखने बाले कवि बाद में जीवनवादी कविता बने औरु नेपाली साहित्य में एक उचाइ और मुकाम पाया राष्ट्रकवि का । आज बच्चा से बुढा तक उनकी कविता पढता है । उनकी कविता ना की स्कुल तह में बल्के कालेजों में भी पढाया जाता है ।

९७ वर्ष की उम्र में भी स्फूर्त, स्वस्थ्य एवम् मजाकिया स्वभाव कें कवि घिमिरे अपना खयाल खुद रखते हैं । उनकी दिनचर्या में किताब पढना तथा अपने हाथ से कविता लिखना आज भी शामिल है । कभीकभार वे कार्यक्रम में भी आतेजाते हैं ।

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