राष्ट्रपति के भारत दौरे का गलत तरिका से प्रचार ?

काठमांडू, २१,दिसम्बर। सरकार ने शुक्रवार को राष्ट्रपति रामबरण यादव के भारत दौरे को मंजूरी दे दी है.मंत्रिमंडल की आज सुबह आयोजित बैठक मे राष्ट्रपति को भारत की यात्रा के लिए 22 सदस्यीय दल को मंजूरी दी गयी है । राष्ट्रपति यादव का भारत की यह सरकारी यात्रा २३ दिसंबर से छह दिन के लिए प्रारंभ होगा ।
राष्ट्रपति यादव बनारस हिंदू विश्वविद्यालय  के निमंत्रण पर भारत की यात्रा कर रहें हैं, जहां भारत के  राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी और विश्वविद्यालय के चांसलर कर्ण सिंह संयुक्त रूप से ‘ डॉक्टरेट की पत्र ‘ उन्हे  प्रदान करेगें ।
बीएचयू के संस्थापक महामना मालवीय की १५० वीं जन्म वर्षगांठ मनाने के लिए कार्यक्रम आयोजन किया जा रहा है, जिसमे भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह तथा अन्य वरिष्ठ भारतीय राजनेताओं और शिक्षाविदों भी भाग लेगें।बीएचयू समारोह के बाद राष्ट्रपति यादव नई दिल्ली के लिए रवाना होगें जहां वे भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मिलेगें । सहित वरिष्ठ भारतीय राजनीतिक नेताओं, को पूरा करेगा. सूत्रों के अनुसार नई दिल्ली में नेपाली दूतावास ने भारतीय सत्तारूढ़ और विपक्षी पार्टियों के नेताओं के साथ बैठक की व्यवस्था कर रही है।

इसबिच कुछ संचारकर्मी तथा पत्रिकाओं व्दारा राष्ट्रपति यादव के भारत भ्रमण का गलत तरिका से प्रचार किया जा रहा है । इनलोगों का आरोप है कि राष्ट्रपति व्दारा ४ वर्ष मे तिसरी बार भारत का भ्रमण किया जारहा है जबकि भारतीय राष्ट्रपति का नेपाल भ्रमण एक बार भी नही हुआ है । इस तरह का अनर्गल प्रचार से निश्र्चित रुप से दोनो देश के सम्बन्ध बिगर सकतें हैं । इनलोगों को मालुम होना चहिये कि राष्ट्रपति यादव स्वयं भारत के कोलकता मेडिकल कौलेज से पास कियें हैं जहाँ कि वे विशेष कार्यक्रम मे भाग लेने वहाँ गये थे । बनारस हिंदू विश्वविद्यालय से हजारों नेपाली पास कियें हैं और सबों को विश्वविद्यालय के संस्थापक महामना मालवीयजी के प्रति अटुट श्रध्दा है जिसमे भागलेने राष्ट्रपति यादव वहाँ जा रहें हैं । जो मिडिया यह भ्रामक समाचार बक रहा है उसे इसका भी जबाव देना होगा कि कितने भारत के राष्ट्रपति नेपाल मे अध्ययन किये हैं ?

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