राष्ट्रपति को वर्खास्तकी का अधिकार नही : प्रधानमन्त्री ,

प्रधानमन्त्री बाबुराम भट्टराई ने कहा है कि प्रधानमन्त्री को वर्खास्त करने का कोई अधिकार राष्ट्रपति के पास नही है । अगर प्रधानमन्त्री कोई ऐसा कदम चलते हैं तो वह पुर्ण रुप से असंवैधानिक, अवैध तथा प्रजातन्त्रीक मानदंडो के खिलाप होगा। यह वात उन्होने हिमालया टेलिविजन के एक अन्तर्वाता मे वताया है।

प्रधानमन्त्री का यह वयान उनलोगों के करारा जबाव के रुप मे आया है जो कि जोर शोर से प्रधा नमन्त्री का इस्तिफा मागं रहे है । इसविच प्रधानमन्त्री ने २७ देशो के राजदुत को वुलाकर यह स्पस्ट कर दिया है कि वे अपनी शासन को छोरने को तैयार है लकिन उससे पहले विपक्क्षी दलों को संविधान सभा निर्वाचन के लिये सहमति मे आना जरुरी है ।उन्होने विशवास दिलाया कि उनकी सरकार प्रजातान्त्रीक मान्यता और शिध्दान्त को मानते हुये चनाव कराने के लिये प्रतिवद्ध है ।

इधर विपक्षी दल कांग्रेस-एमाले ने सरकार के खिलाप अपनी मुहीम और तेज कर दी है । कांग्रेस-एमाले के शीर्ष नेताओं ने राष्ट्रपति रामवरण यादव से मिलकर प्रधान मन्त्री बाबुराम भट्टराई के सिफारिस से आये कोइ भी अध्यादेश जारी नही करने का आग्रह किया है । प्रधानमन्त्री ने इस सम्बन्ध मे राष्ट्रपति से मिलकर अध्यादेस के मर्फत विधेयक लाने की वात की थी । इस संबन्ध मे विपक्षी नेता रामचन्द्र पोडेल तथा माधव नेपाल का कहना है कि चुकि सरकार कामचलाऊ है  इसलिये इस सरकार को विधेयक लाने का कोई अधिकार नही है। राष्ट्रपति यादव  के साथ भेट मे नेका सभापति कोइराला, उपसभापति पौडेल, एमाले के अध्यक्ष खनाल, वरिष्ठ नेता नेपाल लगायत कइ अन्य नेता भी सहभागि थे ।

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