रुद्रप्रयाग,केदारघाटी में विनाश लीला की 9 दिनों की कहानी

rudraprayag२३,जुन । केदारघाटी में विनाश लीला और उसके बाद राहत कार्य हो या अन्य घटनाएं। प्रस्तुत है नौ दिनों का घटनाक्रम।

15 जून
शाम को भारी बारिश से मुंडकटिया और सोनप्रयाग के मध्य सोनप्रयाग माइक्रो हाइडिल पावर हाउस के सामने भूस्खलन हुआ। रात बारिश और तेज हो गई। लगभग नौ बजे नदी बढ़ी और सोनप्रयाग में बिड़ला गेस्ट हाउस ढह गया।

16 जून
सुबह छह बजे मंदाकिनी नदी में तेज बहाव आया और देखते ही देखते सोनप्रयाग बाजार के निचले हिस्से को बहाकर ले गया। मैं पानी में बहते लोग, घोडे़-खच्चर, वाहनों और सिलेंडरों को देखकर विचलित हो गई। मन में किसी अनिष्ट की शंका हुई। मुझे लगा कि बाबा केदार ठीक कर देंगे। लेकिन ऐसा नहीं हुआ।

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17 जून
मंदाकिनी नदी में छोटी सी झील बन चुकी थी। सोनप्रयाग और सीतापुर टापू बन गए। झील का पानी 40-50 वाहनों को लील गया। अपराह्न तीन बजे दर्शन लाल गैरोला ने अपने स

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