रूस में बैन नहीं होगी गीता

मॉस्को।।  रूस की अदालत ने गीता को ‘उग्रवादी साहित्य’ बताकर उसे बैन करने की याचिका खारिज कर दी है। पीटीआई के मुताबिक इस्कॉन ने इस याचिका के कोर्ट में रद्द होने का दावा किया है।

गौरतलब है कि क्रिस्चन ऑर्थोडॉक्स चर्च से जुड़े एक समूह ने भगवद्‍गीता को ‘ चरमपंथी’ साहित्य बताकर इसे बैन करने की मांग की थी। साइबेरिया के टॉमस्क की अदालत में यह केस चल रहा था। कोर्ट ने इस पर अपना फैसला 28 दिसंबर तक के लिए टाल दिया था। कोर्ट ने इस बारे में रूस की ‘टॉमस्क स्टेट यूनिवर्सिटी’ के एक एक्सपर्ट की राय मांगी थी।

इस्कॉन के संस्थापक ए. सी. भक्तिवेदांत स्वामी प्रभुपाद की ‘भगवद्‍गीता यथारूप’ के रूसी अनुवाद पर बैन लगाने के लिए जून से ही मामला चल रहा था। गीता पर बैन लगाने के लिए कोर्ट में तर्क दिया गया है कि इससे समाज में तनाव फैल सकता है।

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